गुरुग्राम। दीपावली को 5 दिवसीय महापर्व कहा जाता है। प्रथम पर्व धनतेरस के रुप में शुक्रवार को धूमधाम से मनाया गया। शहर के मुख्य सदर बाजार, मॉल्स, शोरुम में प्रात: से ही खरीददारों की भीड़ उमड़ती दिखाई दी, जोकि पूरे दिन चलती रही। लोगों ने अपनी सामथ्र्यनुसार सोने-चांदी के जेवरात व गणेश-लक्ष्मी जी की मूर्ति, बर्तन व उपहार आदि खरीदे। दीपावली पर घरों को सजाने के लिए भी लोग रंग-बिरंगी कागजों की लडियां, मालाएं, खील-बतासे आदि खरीदते दिखाई दिए। सदर बाजार ही नहीं पूरा शहर यातायात जाम की समस्या से जूझता दिखाई दिया। वाहनों की लंबी कतारें सडकों पर दिखाई दी। पैदल चलने वालों को भी भारी समस्याओं का सामना करना पड़ा। यातायात पुलिस को यातायात नियंत्रित करने के लिए बड़ी मशक्कत करनी पड़ी। लोगों ने घरों में साफ-सफाई कर धनतेरस के पर्व की तैयारियां की हुई थी। धार्मिक गं्रथों में उल्लेख है कि धनतेरस के दिन सायंकाल के समय घर के मुख्य द्वार पर यमराज के निमित्त एक पात्र में अनाज भरकर उसके ऊपर तेल का दीपक दक्षिण दिशा की ओर मुख करके जलाने की व्यवस्था भी लोगों ने अपने घरों में की हुई थी। यह भी कहा जाता है कि जिस घर में यह पूजन होता है उस घर में कभी कोई अकाल मृत्यु नहीं होती।
धनतेरस पर लोगो ने की खूब खरीददारी

