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शव ले जा रही एम्बुलेंस जूझती रही जलभराव की समस्या से  

गुरुग्राम। शहर में मूसलाधार बारिश के बाद जलभराव होना भले ही कोई नई बात न हो, लेकिन इस अव्यवस्था का असर अब आपातकालीन और जरूरी सेवाओं पर किस कदर पड़ रहा है, इसकी एक विचलित कर देने वाली तस्वीर आज सामने आई है। निस्वार्थ भाव से गरीब, जरूरतमंद और लावारिस शवों का मुफ्त अंतिम संस्कार करने वाले अघोर सेवा संस्थान के संचालक सामाजिक कार्यकर्ता ऋतुराज गंभीर स्थिति का शिकार हो गए। जब वह एसजीटी मोर्चरी से एक शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जा रहे थे, तभी शहर के सबसे पुराने हुड्डा सेक्टर के पास मुख्य सडक़ पर घुटनों तक भरे पानी में उनकी एम्बुलेंस फंस गई। जलभराव इतना अधिक था कि पानी में उतरते ही एम्बुलेंस झटके लेने लगी। हालांकि गाड़ी पूरी तरह बंद तो नहीं हुई, लेकिन लगातार झटके लेने के कारण एम्बुलेंस चालक और ऋतुराज के मन में यह डर सताने लगा कि अगर एम्बुलेंस बीच पानी में बंद हो गई, तो क्या होगा? इस लाचारी और खौफ के माहौल में सबसे बड़ा सवाल यह था कि शव समय पर श्मशान घाट कैसे पहुँचेगा और अंतिम संस्कार कैसे संपन्न होगा? ऋतुराज ने इस पूरी घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर किया है, जो अब तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना ने एक बार फिर नगर निगम और स्थानीय प्रशासन द्वारा जलनिकासी को लेकर किए जाने वाले बड़े-बड़े दावों की पोल खोलकर रख दी है। सडक़ पर तब्दील हुई झीलों और डूबती एम्बुलेंस की यह तस्वीर दर्शाती है कि शहर की चरमराती ड्रेनेज व्यवस्था के कारण आम जनता को किस हद तक मानसिक और शारीरिक प्रताडऩा झेलनी पड़ रही है।