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ओल्ड रेलवे रोड पर हादसों को न्यौता दे रही हैं टूटी ग्रिल, फैली हुई है गंदगी

गुरुग्राम। साइबर सिटी के नाम से मशहूर गुरुग्राम का व्यस्ततम ओल्ड रेलवे रोड पिछले लगभग 2 वर्षों से बुनियादी सुविधाओं और रखरखाव की कमी से जूझ रहा है। शहर के नए इलाकों के विकास के बीच पुराने गुरुग्राम के इस बेहद महत्वपूर्ण मार्ग के साथ लगातार उपेक्षापूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है। सामाजिक संस्था स्वास्तिक फाउण्डेशन के संस्थापक अध्यक्ष राज सैनी बिसरवाल का कहना है कि सडक़ के सुंदरीकरण और चौड़ीकरण के नाम पर इस मार्ग के बीच स्थित ग्रीन बेल्ट की टाइलों को उखाड़ तो दिया गया, लेकिन लंबे समय से इसका समुचित विकास नहीं किया गया। वर्तमान में यह जगह-जगह कचरे के ढेर और अस्थायी डंपिंग यार्ड में तब्दील हो चुकी है। इसके अलावा, मार्ग के बीचों-बीच लगी वर्षों पुरानी लोहे की ग्रिल जगह-जगह से टूट चुकी है। कई स्थानों पर लोहे के नुकीले हिस्से बाहर निकले हुए हैं, जो तेज रफ्तार वाहनों, दुपहिया चालकों और पैदल यात्रियों के लिए हर समय गंभीर दुर्घटना का कारण बने हुए हैं। उनका कहना है कि रोजाना हजारों वाहनों के दबाव वाले इस मुख्य मार्ग की दुर्दशा पर क्षेत्रवासियों का गुस्सा फूट रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद जिम्मेदार विभाग मौन साधे हुए हैं। उन्होंने मांग की है कि प्रशासनिक अधिकारी तुरंत इस पूरे मार्ग का जमीनी निरीक्षण करें, उखाड़ी गई ग्रीन बेल्ट का सौंदर्यीकरण कर नई टाइलें और पौधे लगाए जाएं, टूटी हुई लोहे की ग्रिल को बदलकर सडक़ सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाएं, नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित कर सडक़ किनारे फैले कूड़े के ढेरों को हटाया जाए।