गुरुग्राम। जलभराव और गंदगी की समस्या के बीच हरियाणा के सफाई और अग्निशमन कर्मियों की हड़ताल 20वें दिन भी पुरानी नगर निगम कार्यालय परिसर में जारी रही। इस दौरान कर्मचारियों ने प्रदर्शन करने की बजाय प्रतिनिधिमंडल के रूप में कैबिनेट मंत्री व बादशाहपुर विधायक राव नरवीर के सिविल लाइन स्थित आवास पहुंचे, जहां मंत्री की अनुपस्थिति में उनके पीए विशाल सैनी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। हड़ताल की अध्यक्षता वरिष्ठ उप प्रधान सम्मी बोहत और फायर जिला प्रधान साहुन खान ने की, जबकि संचालन धर्मेंद्र जिंगाला व भारत कांगड़ा ने किया। हड़ताली कर्मचारियों को संबोधित करते हुए राज्य उप प्रधान बसंत कुमार, जोगिंदर और पूर्व जिला प्रधान राजेश कुमार ने कहा कि सरकार मीडिया के माध्यम से गलत बयानबाजी कर जनता और कर्मचारियों को गुमराह कर रही है। बरसात के मौसम में शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं, जिससे बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ गया है, लेकिन सरकार को जनता के स्वास्थ्य की कोई चिंता नहीं है। उन्होंने कहा कि 13 मई को हुए समझौते के तहत कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, ठेकेदारी प्रथा समाप्त करने, जोखिम भत्ता देने और छंटनीग्रस्त कर्मचारियों को वापस लेने सहित 17 मांगों पर सहमति बनी थी। इसके बावजूद सरकार आदेश जारी करने के बजाय टालमटोल कर रही है। कर्मचारी नेताओं ज्ञान चंद, अनीता देवी, धर्मपाल, पिंकी, कमला, मुकेश, कुलदीप, सतपाल, हरिओम आदि ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में सरकार ने एक भी पक्की भर्ती न करके वाल्मीकि समाज के गरीब सफाई कर्मियों को ठेकेदारों का गुलाम बनाने का काम किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 26 अगस्त तक मानी गई मांगों को लागू करने के सरकारी आदेश जारी नहीं किए गए, तो नगरपालिका कर्मचारी संघ और अग्निशमन यूनियन इस आंदोलन को पूरे प्रदेश में अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदलने को मजबूर होंगे। कल हड़ताली कर्मी जनता के बीच जाकर समर्थन मांगेंगे और सर्व कर्मचारी संघ के बैनर तले प्रदर्शन में भाग लेंगे।
सफाईकर्मियों की 20 दिन से हड़ताल के बाद शहर में जगह-जगह लगा कूड़े का अंबार

