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सावन माह के अंतिम दिन मंदिरों में लगा रहा श्रद्धालुओं का तांता

गुरुग्राम। धर्म ग्रंथों में सावन मास का विशेष महत्व बताया गया है। ये हिंदू पंचांग का पांचवां महीना है। सावन का सही शब्द श्रावण है, जिसका अर्थ है सुनना। यानी इस महीने में भगवान शिव की कथाओं को सुनना चाहिए और उनके गुणों को जीवन में उतारने का प्रयास करना चाहिए। इस बार सावन मास की शुरूआत 30 जुलाई से हुई थी और आगामी 28 अगस्त को सावन माह संपन्न होगा। इस माह में भगवान शंकर की भक्ति, व्रत, उपवास और पूजा-पाठ की जाती है। सावन माह में 4 सोमवार भी आए हैं। सावन के आखिरी दिन भी श्रद्धालुओं ने व्रत रखकर शहर के विभिन्न मंदिरों में भगवान शिव का अभिषेक कर पंचगव्य अर्पित कर शिव चालीसा और महामृत्युंजय मंत्र का पाठ भी किया। सावन माह के अंतिम दिन शहर के विभिन्न मंदिरों भूतेश्वर, घंटेश्वर, सिद्धेश्वर, गुफावाला मंदिर, सैक्टर 9ए स्थित श्री गौरी शंकर मंदिर, सैक्टर 4 के श्रीकृष्ण, शिव मंदिर, राम मंदिर, सूर्य विहार का माता वैष्णो देवी मंदिर, गीता भवन, बाबा प्रकाशपुरी आश्रम, अर्जुन नगर के शिव मंदिर, सुदर्शन, प्रेम मंदिर, प्रताप नगर स्थित श्रीराम मंदिर, गढ़ी हरसरु स्थित माता वैष्णो मंदिर, पटौदी क्षेत्र के इंच्छापुरी स्थित शिव मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।