गुरुग्राम। मातृभूमि के अमर गौरव और स्वाधीनता के पावन पर्व 80 वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जिले के बिलासपुर क्षेत्र स्थित धार्मिक संस्था ब्रह्माकुमारीज के ओम शांति रिट्रीट सेंटर (ओआरसी) में 80वां स्वतंत्रता दिवस समारोह धूमधाम से मनाया गया। जब राष्ट्रीय गौरव तिरंगा फहराया गया, तो संपूर्ण वातावरण भारत माता की जय और राष्ट्रीय स्वाभिमान की चेतना से प्रज्वलित हो उठा। दिल्ली करोल बाग से पधारीं राजयोगिनी बीके बीके पुष्पा ने देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई देते हुए एक सशक्त सांस्कृतिक व सामाजिक आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सच्ची स्वतंत्रता तब तक अधूरी है जब तक हम आंतरिक बुराइयों और व्यसनों के गुलाम हैं। जब मनुष्य अपनी कर्मेंद्रियों पर शासन करना सीखता है और स्वराज्य का अधिकारी बनता है, तभी वह विश्व-राज्य के गौरवशाली पद को प्राप्त करने योग्य बनता है। बीके विजय ने कहा कि भारत कोई साधारण भू-भाग नहीं, बल्कि एक अनादि और अविनाशी खंड है। उन्होंने भावुक और ओजस्वी स्वर में कहा, “दुनिया की समस्त संस्कृतियों का मूल आधार हमारी भारतीय संस्कृति ही है। ओआरसी के प्रबंधक राजयोगी बीके भीम ने कहा कि इतिहास गवाह है कि युगों-युगों से भारत पर अनगिनत आक्रांताओं ने आक्रमण किए, लेकिन भारत ने कभी भी अपनी सीमाओं से बाहर जाकर किसी अन्य राष्ट्र पर पहला हमला नहीं किया। ऐसा इसलिए है क्योंकि भारत केवल एक देश नहीं, बल्कि समस्त सृष्टि की मातृभूमि है—और एक माँ कभी किसी पर आक्रमण नहीं करती, वह केवल पोषण और संरक्षण देती है।
80 वें स्वतंत्रता दिवस पर ओआरसी गूंजा स्वराज्य से विश्व राज्य और सनातन संस्कृति का जयघोष

