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हल्की बूंदाबांदी से दौलताबाद औद्योगिक क्षेत्र की सडक़ों पर जमा हो गया पानी

गुरुग्राम। प्रशासन और नगर निगम गुरुग्राम (एमसीजी) द्वारा मॉनसून व जलनिकासी को लेकर किए जा रहे दावों की पोल एक बार फिर खुल गई है। राजेंद्रा पार्क के अंतर्गत आने वाले दौलताबाद औद्योगिक क्षेत्र और आसपास की कॉलोनियों में हुई हल्की बूंदाबांदी ने ही व्यवस्था को पूरी तरह पटरी से उतार दिया है। सडक़ों की बदहाली और जलभराव के कारण स्थानीय निवासियों, उद्यमियों और राहगीरों का जीना मुहाल हो गया है। स्थानीय लोगों राजेश पटेल, गौतम, बिट्टू, रुपा पटेल, अजय, विष्णु, सावित्री, रिंकी तिवारी, अशोक गिरि, सोनू, रंजीत, सुजाता, मंजू, बबीता, मीना, रुपा सिंह राजपूत आदि का कहना है कि औद्योगिक क्षेत्र और कॉलोनियों की सडक़ें मुख्य सडक़ों के मुकाबले काफी नीचे हैं। इसके चलते हल्की सी बारिश होते ही आसपास का सारा पानी बहकर यहाँ जमा हो जाता है। सडक़ पर जगह-जगह गहरे गड्ढे बन चुके हैं, जो अब पानी भरने के कारण दुर्घटना की वजह बन रहे हैं। पैदल चलने वाले राहगीर, बुजुर्ग और विशेष रूप से महिलाएँ इस गंदे पानी और छिपे हुए गड्ढों के कारण लगातार हादसों का शिकार हो रहे हैं। उनका कहना है कि राजेंद्रा पार्क स्थित भगवान शिवजी की प्रतिमा के समक्ष हर साल इसी तरह जलभराव होता है। यह कोई नई समस्या नहीं है, बल्कि सालों पुरानी समस्या बन चुकी है। हर साल नगर निगम करोड़ों रुपये की ड्रेनेज सफाई और पुख्ता इंतजामों का दावा करता है, लेकिन शिवजी की प्रतिमा के सामने का यह हिस्सा पहली ही बारिश में डूब जाता है। अधिकारियों को सब पता होने के बावजूद इस समस्या का कोई स्थाई समाधान नहीं निकाला जा रहा। उन्होंने कहा कि दौलताबाद औद्योगिक क्षेत्र में पानी भरने के कारण न केवल स्थानीय आबादी बल्कि यहाँ स्थित फैक्ट्रियों में काम करने वाले कर्मचारियों को भी भारी किल्लत झेलनी पड़ रही है। स्थानीय निवासियों ने नगर निगम के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि मानसून से पूर्व जलभराव की समस्या को रोकने के लिए इंतजाम किए जाएं।