गुरुग्राम। आयुर्वेद देश की सबसे प्राचीन पद्धति है, जिसके माध्यम से प्राचीन काल में उपचार किया जाता था। आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए अनेक संस्थान जुटे हुए हैं। इसी क्रम में आयुर्वेदिक उत्पाद निर्मात्री कायू रिचुअल्स द्वारा 6 माह में पूरे होने पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें स्वास्थ्य और वेलनेस क्षेत्र के दिग्गजों ने यौन स्वास्थ्य, प्रजनन क्षमता, जीवनशक्ति, आयुर्वेद, आधुनिक चिकित्सा और स्वस्थ जीवनशैली जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा की। केंद्रीय राज्य मंत्री प्रतापराव गणपतराव जाधव डिजिटल माध्यम से जुड़े। उन्होंने स्वास्थ्य और वेलनेस को लेकर जागरूकता बढ़ाने की कायू रिचुअल्स की पहल की सराहना की। साथ ही, आयुर्वेद, आधुनिक चिकित्सा और वेलनेस से जुड़े विभिन्न दृष्टिकोणों को एक साझा मंच पर लाने के उनके प्रयासों की प्रशंसा की। संस्थापक और सीईओ प्रीति चौधरी ने कहा कि छह महीने पहले कायू रिचुअल्स सिर्फ एक विचार था और आज यह एक ऐसे समुदाय के रूप में आगे बढ़ रहा है, जो इस सोच के साथ काम कर रहा है कि स्वस्थ रहने की शुरुआत बीमार पडऩे के बाद नहीं, बल्कि उससे पहले होनी चाहिए। यौन स्वास्थ्य और फेफड़ों के स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में हमारा विस्तार एक नया और महत्वपूर्ण कदम है। हम चाहते हैं कि ऐसे विषयों पर लोग बिना किसी झिझक के खुलकर बात करें और सही जानकारी प्राप्त करें। आयोजन में डॉ. जागृति, डॉ. अभिषेक साहा, डॉ. तनु और डॉ. अक्षरा अरोड़ा ने व्यस्त जीवनशैली में खान-पान, दिनचर्या और आयुर्वेद के पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक चिकित्सा के साथ तालमेल बिठाकर अपनाने पर जोर दिया। इस सत्र में संस्थापक प्रीति चौधरी, मुख्य बिक्री अधिकारी पुनीत मित्तल और कॉसमॉस के अनुसंधान एवं विकास प्रमुख उमेश अरोड़ा ने ब्रांड के सफर, उत्पादों की गुणवत्ता, रिसर्च और भविष्य की योजनाओं की जानकारी साझा की।
स्वास्थ्य और वेलनेस को लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने किया जागरुक

