गुरुग्राम। ऑनलाइन दवा बिक्री और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स द्वारा दिए जा रहे भारी डिस्काउंट के विरोध में ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (एआईओसीडी) के आह्वान पर केमिस्टों और ड्रगिस्टों द्वारा 24 घंटे की देशव्यापी हड़ताल की गई, जिसमें देश भर के बड़ी संख्या में केमिस्टों और ड्रगिस्टों ने अपनी दुकानें बंद रखी। गुरुग्राम दवा विक्रेता समिति ने भी इस हड़ताल में बढ़-चढक़र भाग लिया। समिति के प्रधान राकेश मित्तल का कहना है कि हड़ताल का असर गुरुग्राम में भी देखने को मिला। केमिस्टों और ड्रगिस्टों ने अपने स्टोर बंद रखे। उनकी मांग है कि ऑनलाइन हो रही दवाओं की बिक्री पर रोक लगाई जाए, दवाइयों को रेगुलेट किया जाए, नकली दवाओं की बिक्री पर अंकुश लगे, ताकि आमजन के जीवन को सुरक्षित रखा जा सके। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन दी जा रही छूट से रिटेल दुकानदारों का कारोबार खत्म हो गया है। सरकार को इस पर रोक लगानी चाहिए। सरकार ने जो नोटिफिकेशन जारी किए हैं, उन्हें तत्काल प्रभाव से वापिस लिया जाए, क्योंकि इन प्रावधानों की वजह से ऑनलाइन फार्मेसी कंपनियां एक तरह के कानूनी धुंधले क्षेत्र में काम कर रही हैं। यानी इनके लिए ऐसा स्पष्ट और व्यापक कानून नहीं है, जो यह तय करे कि प्रिस्क्रिप्शन की जांच कैसे होगी, दवाइयां किस नियम के तहत दी जाएंगी और नियम उल्लंघन पर कैसे जवाबदेही तय होगी। उनका कहना है कि हरियाणा स्टेट केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन ने अपने सामाजिक दायित्व का निर्वाह करते हुए यह विशेष ध्यान रखा कि आपात स्थिति में रोगियों को उपचार के दौरान दवाओं के लिए किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो। इसके लिए गुरुग्राम दवा विक्रेता समिति ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है । समिति के चेयरमेन ओमप्रकाश, ललित, अनिल गुप्ता, अरुण बत्रा, पवन गोयल, नीरज गुप्ता, नितिन गुप्ता, कृष्ण कुमार रुहिल आदि ने हड़ताल को सफल बताया है।
केमिस्टों और ड्रगिस्टों की हुई हड़ताल

