गुरुग्राम। भारतीय कॉर्पोरेट मामलों के संस्थान के महानिदेशक एवं सीईओ ज्ञानेश्वर कुमार सिंह ने कहा कि केवल भौतिक विकास से विकसित भारत का स्वप्न साकार नहीं हो सकता। राष्ट्र की प्रगति के लिए आध्यात्मिक जागृति अत्यंत आवश्यक है। वे गुरुवार को ब्रह्माकुमारीज के बोहड़ा कलां स्थित ओम शांति रिट्रीट सेंटर में बच्चों के लिए आयोजित तीन दिवसीयचूज राइट, लिव लाइट विषय पर आधारित ग्रीष्मकालीन शिविर के समापन अवसर पर बोल रहे थे।ज्ञानेश्वर कुमार सिंह ने कहा कि जैसे एक मजबूत भवन के लिए उसकी नींव का महत्व होता है, ठीक उसी प्रकार जीवन निर्माण में मानवीय मूल्यों की नींव सर्वोपरि है। उन्होंने बच्चों के चरित्र निर्माण में ब्रह्माकुमारीज संस्थान के प्रयासों की मुक्त कंठ से सराहना की। ओम शांति रिट्रीट सेंटर की निदेशिका राजयोगिनी आशा दीदी ने आशीर्वचन में बच्चों को सदा सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि झूठ का रास्ता अल्पकालिक होता है, जबकि सत्य की राह कठिन होने के बावजूद महानता की ओर ले जाती है। उन्होंने बच्चों को बुरा न देखने, न सुनने, न करने और न सोचने के सिद्धांतों को जीवन में उतारने का संदेश दिया। माउंट आबू से पधारीं वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका बीके मंजू दीदी ने कहा कि बचपन ही वह पावन पड़ाव है जहां से जीवन को सही दिशा दी जा सकती है। संस्कारों की मजबूत नींव पर ही व्यक्तित्व का भव्य महल खड़ा होता है।तीन दिनों तक बच्चों को रचनात्मक एवं ज्ञानवर्धक गतिविधियों से जोड़ा गया। विशेषज्ञों ने डिजिटल वेलनेस के माध्यम से डिजिटल युग में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया। सकारात्मक चिंतन, आध्यात्मिकता और बेहतर जीवन शैली की बारीकियां खेल-खेल में सिखाई गईं। बीके हंसी एवं बीके अनुष्का के मधुर गीतों और बहादुरगढ़ से आए बच्चों की मनमोहक नृत्य नाटिका ने सभी उपस्थित जनों को मंत्रमुग्ध कर दिया। समापन पर प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम का सुचारु मंच संचालन बीके यीशु ने किया। बीके रेखा एवं बीके निकिता ने शिविर के सफल संयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
ओम शांति रिट्रीट सेंटर में संपन्न हुआ बच्चों का तीन दिवसीय ग्रीष्मकालीन शिविर

