गुरुग्राम। कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) के कर्मचारियों में कैडर रीस्ट्रक्चरिंग को लेकर भारी नाराजगी और असंतोष देखने को मिल रहा है। ऑल इंडिया ईएसआईसी एम्पलॉइज फेडरेशन (एआईईईएफ) और ईएसआईसी एम्पलॉइज यूनियन, हरियाणा के आह्वान पर कर्मचारियों ने इस फैसले के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जताने का निर्णय लिया है। प्रवक्ता ने बताया कि ईएसआईसी एम्पलॉइज यूनियन हरियाणा के सभी सदस्य अपने आधिकारिक कर्तव्यों का पालन करते हुए काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन दर्ज कराया है। यह प्रदर्शन आगामी 19 अक्टूबर तक चलेगा। फेडरेशन का कहना है कि 25 सितंबर 2026 को हुई कैडर रिव्यू मीटिंग में कर्मचारियों की आवाज को पूरी तरह से नजरअंदाज किया गया और फेडरेशन को इसमें शामिल नहीं किया गया। समिति द्वारा एसी/आईसी स्तर पर प्रतिनियुक्ति अधिकारियों के अब्जॉर्प्शन की सिफारिश पर सवाल उठाए गए हैं। फेडरेशन का मानना है कि इससे नियमित अधिकारियों की पदोन्नति के अवसर प्रभावित होंगे और यह हितों के टकराव को दर्शाता है। एमटीएस, एलडीसी, यूडीसी, असिस्टेंट, एसएसओ और असिस्टेंट डायरेक्टर जैसे निचले और मध्यम कैडर की मुख्य मांगों और वेतनमान में सुधार जैसे मुद्दों पर कोई ठोस समयबद्ध निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि फेडरेशन की प्रमुख मांगें है कि 25 सितंबर के निर्णयों और बैठकों को फिलहाल स्थगित किया जाए। ईपीएफओ की तर्ज पर बाहरी विशेषज्ञों और फेडरेशन के प्रतिनिधि को शामिल करके समिति का पुनर्गठन किया जाए। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री के साथ 15 दिनों के भीतर फेडरेशन की बैठक आयोजित की जाए और सभी कैडर के पुनर्गठन के लिए एक समयबद्ध रोडमैप तैयार किया जाए। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर सुनवाई नहीं हुई, तो वे लोकतांत्रिक और संवैधानिक माध्यमों से अपने राष्ट्रव्यापी आंदोलन को और आगे बढ़ाएंगे।
ईएसआईसी कर्मचारियों में रोष, कैडर रीस्ट्रक्चरिंग के विरोध में काली पट्टी बांधकर किया प्रदर्शन

