गुरुग्राम। शिक्षा के बदलते स्वरुप में अभिभावक अब केवल अच्छे परीक्षा परिणामों तक सीमित नहीं हैं, अपितु ऐसे विद्यालयों को प्राथमिकता दे रहे हैं जो बच्चों के समग्र विकास पर समान रूप से ध्यान दें। इसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए मानव रचना इंटरनेशनल स्कूल्स (एमआरआईएस) ने गुरुग्राम व फरीदाबाद स्थित विभिन्न परिसरों में शैक्षणिक सत्र 2027-28 के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की है। मानव रचना इंटरनेशनल स्कूल्स की सीईओ सुनीता नांबियार व चीफ मार्केटिंग ऑफिसर जस्मिता ओबेरॉय का कहना है कि एमआरआईएस में पढ़ाई केवल कक्षा तक सीमित नहीं रहती। छात्रों को इंटरडिसिप्लिनरी प्रोजेक्ट्स, आधुनिक इनोवेशन लैब्स, तकनीक आधारित शिक्षण और व्यवस्थित करियर मार्गदर्शन के माध्यम से व्यावहारिक सीखने के अवसर प्रदान किए जाते हैं। सेक्टर-46 स्थित परिसर में स्थापित मेकर शाला, फैशन शाला और टिंकर शाला जैसी विशेष सुविधाओं में छात्र रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एग्रीटेक और हेल्थटेक जैसे उभरते क्षेत्रों का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करते हैं। यह परिसर सीबीएसई के साथ-साथ आईबी पाठ्यक्रम भी संचालित करता है। वर्तमान में आईबी कक्षा 9 तक उपलब्ध है और इसे चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है। आईबी फॉर ऑल पहल के माध्यम से अधिक से अधिक छात्रों तक अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उनका कहना है कि प्रारंभिक बाल शिक्षा को मजबूत बनाने के उद्देश्य से एमआरआईएस सेक्टर-46 में 6 माह से 6 वर्ष तक के बच्चों के लिए नेस्टलिंग्स बाय मानव रचना कार्यक्रम भी शुरू किया गया है।
समग्र शिक्षा की बढ़ती मांग के बीच मानव रचना इंटरनेशनल स्कूल्स में 2027-28 सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू

