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वनवासी कल्याण आश्रम की मानेसर इकाई के परिवार मिलन में पूर्वोत्तर की छात्राओं ने बिखेरे सांस्कृतिक रंग

गुरुग्राम। सामाजिक संस्था वनवासी कल्याण आश्रम की मानेसर इकाई द्वारा सेक्टर 92 स्थित प्रणवानन्द इंटरनेशनल स्कूल परिसर में परिवार मिलन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें संस्था से जुड़े पदाधिकारी, गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम में सामाजिक समरसता, जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास और राष्ट्रीय एकता की झलक देखने को मिली। संस्था के प्रांत प्रचार सचिव संजीव आहूजा का कहना है कि कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) गुरुग्राम के विभाग कार्यवाह बृजेश, राष्ट्र सेविका समिति की प्रांत कार्यवाहिका डॉ. अंजली जैन, नृत्यांगना डॉ. संतोष कुमारी, प्रधानाचार्य जितेन्द्र सती, गौरव सिंह जी, राजेश मोहन, बालयोगी जितेंद्र दास व्यास आदि शामिल रहे और सभी ने आयोजन की सराहना करते हुए इसे सांस्कृतिक समरसता और सामाजिक जागरूकता का सार्थक मंच बताया। वक्ताओं ने कहा कि वनवासी कल्याण आश्रम वर्ष 1952 से देशभर के जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। आश्रम गैर-सरकारी सहयोग से शिक्षा, चिकित्सा, ग्राम विकास, आर्थिक सशक्तिकरण और श्रद्धा जागरण जैसे क्षेत्रों में 22 हजार से अधिक सेवा प्रकल्पों के माध्यम से लगभग 2 करोड़ वनवासी बंधुओं को लाभान्वित कर रहा है। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज को उसके गौरवपूर्ण इतिहास, पूर्वजों, परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों से जोडऩा समय की आवश्यकता है। उनके अनुसार, स्वाभिमान, संस्कार और स्वावलंबन के आधार पर ही जनजातीय समाज का स्थायी उत्थान संभव है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वनवासी समाज के विकास के बिना राष्ट्र का विकास अधूरा रहेगा और इसी संकल्प के साथ आश्रम गांव-गांव में निस्वार्थ सेवा कार्य कर रहा है। वनवासी कल्याण आश्रम के उत्तर क्षेत्र के क्षेत्र नगरीय प्रमुख जय भगवान ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज के विभिन्न वर्गों के बीच आत्मीयता, संवाद और सांस्कृतिक एकता को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर भारत की सांस्कृतिक धरोहर को मुख्यधारा समाज से जोडऩा राष्ट्रीय एकात्मता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। पूर्वोत्तर राज्यों की छात्राओं ने लोकनृत्य, पारंपरिक वेशभूषा और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी समृद्ध विरासत, जीवन-मूल्यों और सांस्कृतिक वैभव की मनोहारी झलक पेश की। सभी को संस्था की गतिविधियों व परियोजनाओं से अवगत कराया गया। आयोजन को सफल बनाने में संस्था के पदाधिकारियों, सदस्यों का सहयोग रहा।