गुरुग्राम।संयुक्त किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष एवं जिला बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान चौधरी संतोख सिंह ने गुरुग्राम में हुई बारिश के बाद पूरे शहर में पैदा हुए जलभराव को प्रदेश सरकार और प्रशासन की घोर विफलता करार दिया है। उन्होंने कहा कि मानसून की शुरुआत और पहली ही बारिश ने सरकार के तथाकथित विकास के तमाम दावों की पोल जनता के सामने खोलकर रख दी है। उन्होंने कहा कि बारिश के बाद गुरुग्राम की मुख्य सडक़ें नदियों में तब्दील हो गई हैं, कॉलोनियां और बाजार पूरी तरह जलमग्न हैं। हजारों परिवार अपने ही घरों में कैद होने को मजबूर हैं, जबकि आम नागरिक घंटों भीषण जाम और अव्यवस्था से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि दो दिन पहले हुई महज 8 मिमी बारिश में ही शहर के अधिकांश हिस्सों में जलभराव हो गया था। हालात इतने बदतर थे कि स्वयं हरियाणा के मुख्यमंत्री का काफिला भी पानी में फंस गया। यदि इतनी कम बारिश में शहर का यह हाल है, तो ड्रेनेज सिस्टम और उसके रखरखाव पर सवाल उठना स्वाभाविक है। गुरुग्राम पूरा हरियाणा राज्य में सबसे अधिक राजस्व (रेवेन्यू) देने वाले जिलों में शामिल है। इसके बावजूद यहाँ के नागरिकों को हर साल जलभराव, जाम और अव्यवस्था का सामना करना पड़ रहा है, जो बेहद चिंताजनक है। संतोख सिंह ने कहा कि गुरुग्राम की यह बदहाली संकेत देती है कि विकास कार्यों के नाम पर भारी अनियमितताएं और भ्रष्टाचार हुआ है, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि हर साल एक जैसी स्थिति बनने के बावजूद स्थायी समाधान क्यों नहीं निकाला गया? उन्होंने सरकार से माँग की है कि जल निकासी की व्यवस्था का तुरंत स्थायी समाधान किया जाए। लापरवाह अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों की जवाबदेही तय की जाए। विकास कार्यों पर खर्च हुए बजट का श्वेत पत्र जारी किया जाए। यदि सरकार ने गुरुग्राम की इस बुनियादी समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया और दोषियों पर कार्रवाई नहीं की, तो आम जनता को साथ लेकर लोकतांत्रिक तरीके से एक व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा।
बारिश में डूबा गुरुग्राम, सरकार के दावे भी साथ डूबे : चौधरी संतोख सिंह

