गुरुग्राम।राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे गुरुग्राम को देश ही नहीं, अपितु विश्वस्तर पर औद्योगिक नगरी के रुप मे ंजाना जाता है। यहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में लोग रहते हैं और कारोबार करते हैं। विकसित शहरों की श्रेणी में आने के बाद भी शहर के कुछ हिस्सों में सुविधाएं नाकाफी हैं। दौलताबाद मार्ग पर दर्जनों बिजली के पोल को लगे करीब 6 माह हो चुका है और दर्जनों बेस बनकर भी तैयार हैं, लेकिन 2 किलोमीटर लंबे सडक मार्ग पर रात्रि के समय में अंधेरा छाया रहता है। बिजली के खंभे केवल शो पीस बनकर खड़ें हैं, क्योंकि कार्य बड़ी ही धीमी गति से चल रहा है और अधिकांश पोल पर तो लाईट ही नहीं लगाई गई है। समाजसेवी राजेश पटेल, सुनील कुमार सिंह, श्वेता सिंह, रुमा, रुबी, रुपा, रश्मि रानी, छात्रा सानिया, लक्ष्मी, शुभम, रजत आदि का कहना है कि दौलताबाद सडक मार्ग से सैक्टर 108 व 109 को जोडने वाले मार्ग पर पोल लगाए गए हैं और पोल के लिए सीमेंट से बेस तैयार किया गया है। इस कार्य को करीब 6 माह से अधिक का समय हो गया है। यहां पर 2 दर्जन से अधिक पोल भी लगे है। करोड़ों रुपए की लागत से चल रहे इस कार्य की गति बिल्कुल धीमी है। ऐसा लगता है जैसे खानापूर्ति की जा रही है। बुजुर्ग, महिलाएं, बच्चे सुबह-सायं भ्रमण करने के लिए सडक पर निकलते हैं। अंधेरा होने के कारण असुरक्षा का भय बना रहता है। क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है। उन्होंने सरकार व प्रशासन से आग्रह किया है कि कार्य में तेजी लाई जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को अंधकार से निजात मिल सके।
स्ट्रीट लाईट के लिए पोल लगाने की गति बड़ी धीमी, क्षेत्र में छाया रहता है अंधेरा

