गुरुग्राम।माह-ए-रमजान के दूसरे जुम्मे पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों स्थित मस्जिदों में जुम्मे की नमाज अता की। सोहना चौक स्थित जामा मस्जिद में भी रोजेदार नमाज करने के लिए बड़ी संख्या में पहुंचे। मस्जिदों की प्रबंधन कमेटियों ने जुम्मे की नमाज की पूरी व्यवस्था मस्जिद परिसरों में की थी। मुस्लिम समुदाय के विशिष्ट लोगों का कहना है कि इस्लाम में ईमान, नमाज, जकात, रोजा व हज अनिवार्य मानी जाती हैं। रोजा रखने से शारीरिक व मानसिक सुकून भी मिलता है। कहा जाता है कि माह-ए-रमजान में अल्लाह जन्नत का दरवाजा खोल देते हैं और शैतानों को कैद कर लेते हैं। उनका कहना है कि इस माह में नेक काम करने चाहिए। समुदाय के जरुरतमंद लोगों की ओर भी ध्यान देना चाहिए। समृद्धशाली लोगों को गरीब वर्ग के लोगों का भी ख्याल रखना चाहिए। अल्लाह से कुछ छिपा नही हैं, वह सब देखता है। विश्व व देश में अमन-चैन रहे इसकी दुआएं भी रोजेदारों को करनी चाहिए। रोजा इफ्तार के समय जरुरतमंदों के घरों में भोजन बना है या नहीं उसका भी ध्यान रखना चाहिए और उनकी हर तरह से सहायता करनी चाहिए। जरुरतमंदों की दुआएं रोजेदारों को अल्लाह के करीब पहुंचा देती हैं। यदि कहीं कुछ गलती हुई भी है तो अल्लाह उन गलतियों को माफ कर देते हैं। जुम्मे की नमाज अता करने के बाद लोगों ने अपनी जरुरत की खाद्य सामग्री भी मस्जिदों के पास लगी दुकानों से खरीदी। हालांकि इस बार महंगाई का असर खजूर, ड्राई फ्रूट व अन्य खाद्य सामग्री पर भी पड़ता दिखाई दे रहा है। गत वर्ष की अपेक्षा हर चीज के दामों में वृद्धि हुई बताई जा रही है। जामा मस्जिद के इमाम जान मोहम्मद का कहना है कि आज शनिवार को 10वां रोजा है। खत्म सहरी का समय प्रात: 5 बजकर 27 मिनट व रोजा इफ्तार का समय सायं 6 बजकर 21 मिनट पर होगा।
माह-ए-रमजान के दूसरे जुम्मे पर बड़ी संख्या में नमाजियों ने मस्जिदों में की नमाज अता

