गुडग़ांव, कोरोना वायरस से बचाव के लिए लॉकडाउन चल रहा
है। लोग अपने घरों में रहकर ही लॉकडाउन का पालन करते हुए वैश्विक कोरोना
से बचने के प्रयास में लगे हैं। दूसरे चरण के लॉकडाउन के 10वें दिन भी
शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों की सडक़ें सुनसान दिखाई दी। हालांकि जिला
प्रशासन लॉकडाउन का पालन करानें में पूरी तरह से जुटा हुआ है, लेकिन फिर
भी कुछ लापरवाह लोग व अधिक धन कमाने की लालसा रखने वाले लोग लॉकडाउन का
पालन कराने में बाधा उत्पन्न करने से भी नहीं चूक रहे हैं। ऐसे लोगों के
प्रति प्रशासन ने भी सख्ती दिखानी शुरु की हुई है। एंबूलैंस में गत दिवस
सवारियां भरकर उनके गंतव्य तक छोडऩे की घटना भी प्रकाश में आ चुकी है।
इनके खिलाफ पुलिस ने कार्यवाही भी की है। उधर कोरोना पॉजिटिव के बढ़ते
मामलों से भी गुडग़ांववासी चिंतित दिखाई देने शुरु हो गए हैं। उनका मानना
है कि यदि इसी प्रकार से कोरोना पॉजिटिव की संख्या बढ़ती रही तो लॉकडाउन
की अवधि 3 मई से आगे भी बढ़ाई जा सकती है। हालांकि कुल 47 में से 35
पीडि़त स्वस्थ भी हो चुके हैं। अब मात्र 12 पीडि़त ही उपचाराधीन हैं।
जिला प्रशासन ने उद्योगों को राहत देने की घोषणा की हुई है। विभिन्न
उद्योगों ने प्रशासन को आवेदन भी किया हुआ है कि वे सरकार के
दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए अपने उद्योग चलाना चाहते हैं। जिला
प्रशासन ने कुछ उद्योगों को अनुमति भी दे दी है, जिनमें से आईएमटी मानेसर
स्थित ऑटो मोबाइल क्षेत्र की मारुति सुजूकी कंपनी का प्लांट भी है। बताया
जाता है कि करीब 4600 कर्मियों की संख्या में से 600 श्रमिकों से जारी
दिशा-निर्देशों का पालन कराते हुए काम करने की अनुमति दी है। उधर मारुति
प्रबंधन का मानना है कि इतने कम कर्मियों से उत्पादन कराना संभव नहीं है।
उत्पादन में मारुति सुजूकी को कल्पुर्जे उपलब्ध कराने वाली अन्य छोटे
प्रतिष्ठान बंद हैं। ऐसे में उत्पादन प्रभावित होगा। क्योंकि वे
कलपुर्जों की आपूर्ति लॉकडाउन अवधि के चलते नहीं कर पाएंगे। इतने
कर्मियों से तो प्रतिष्ठान का मेंटीनेंस व आवश्यक कार्य ही कराए जा सकते
हैं। प्रबंधन ने अभी कोई दिशा-निर्देश अपने कर्मियों को जारी नहीं किए
बताया जाता है। लॉकडाउन का फायदा उठाने के लिए शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों
में शराब की अवैध तस्करी भी बढ़ती जा रही है। हालांकि जिला प्रशासन ऐसे
तत्वों से सख्ती से निपट रहा है और उनके खिलाफ कार्यवाही भी कर रहा है।
शहर की विभिन्न कालोनियों में भी लॉकडाउन का सख्ती से पालन कराने में
पुलिस विभाग भी पीछे नहीं है। पुलिसकर्मी विभिन्न क्षेत्रों में गश्त भी
कर रहे हैं। उनका मनोबल बढ़ाने के लिए समय-समय पर पुलिस विभाग द्वारा
फ्लैग मार्च का आयोजन भी किया जाता है।
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