गुडग़ांव, वैश्विक कोरेाना वायरस महामारी से निपटने के लिए
करीब 2 माह तक लॉकडाउन चलता रहा। अनलॉक वन के दौरान
प्रदेश के सभी
औद्योगिक प्रतिष्ठानों को उत्पादन करने की अनुमति प्रदेश
सरकार ने पूरी
तरह से दे दी थी। हालांकि तीसरे व चौथे चरण के लॉकडाउन
में ही कुछ
प्रतिष्ठानों को उत्पादन शुरु करने की कुछ शर्तों के
साथ अनुमति मिल गई
थी। ऑटो मोबाइल क्षेत्र की अग्रणी मारुति सुजूकी के
गुडग़ांव व आईएमटी
मानेसर स्थित प्लांटों में भी उत्पादन शुरु हो गया
था। श्रमिकों की कमी
की समस्या का सामना इन दोनों प्लांटों व इससे जुड़े
ज्वाईंट वैंचर्स को
भी करना पड़ रहा था। इन दोनों प्लांटों में अभी तक
एक ही शिफ्ट में
वाहनों का निर्माण किया जा रहा था। अब श्रमिकों की
समस्या का समाधान काफी
हद तक कर लिया गया है। इसलिए आज सोमवार से गुडग़ांव
व आईएमटी मानेसर स्थित
मारुति सुजूकी के दोनों प्लांटों की दोनों शिफ्टो में
उत्पादन शुरु हो
जाएगा। मारुति उद्योग कामगार यूनियन के महासचिव कुलदीप
जांघू का कहना है
कि आज सोमवार से पहली शिफ्ट प्रात: 6 बजकर 30 मिनट
पर शुरु होगी और
अपराह्न 3 बजकर 15 मिनट पर यह शिफ्ट समाप्त होगी। उनका
कहना है कि दूसरी
शिफ्ट डेढ घंटे के बाद 4 बजकर 45 मिनट पर शुरु होगी।
पहली शिफ्ट खत्म
होने के बाद डेढ़ घंटे तक पूरे प्लांट को सैनिटाइज
कराया जाएगा, ताकि
कोरोना के प्रकोप से कर्मचारियों को बचाया जा सके।
दूसरी शिफ्ट रात्रि
डेढ़ बजे समाप्त होगी। आईएमटी मानेसर में भी शिफ्टों
का कार्यक्रम इसी
प्रकार रहेगा। उनका कहना है कि अभी तक दोनों प्लांटों
में एक- एक शिफ्ट
ही चल रही थी, जिसमें गुडग़ांव प्लांट में करीब 700
वाहनों का उत्पादन हो
रहा था और मानेसर प्लांट में करीब एक हजार वाहन बनाए
जा रहे थे, लेकिन अब
दोनों प्लांटों में 2-2 शिफ्ट में उत्पादन शुरु करने
से वाहनों का
उत्पादन भी दोगुणा हो जाएगा। उनका कहना है कि दोनों
प्लांटों को
कलपुर्जों की आपूर्ति करने वाले सैकड़ों ज्वाईंट वैचर्स
में भी पूरी गति
से उत्पादन शुरु हो जाएगा। ज्वाईंट वैचर्स प्रबंधन
ने भी कर्मचारियों की
कमी को पूरा कर लिया बताया जाता है। यूनियन के महासचिव
का कहना है कि
दोनों प्लांटों में नियमित कर्मचारियों की संख्या लगभग
पूरी ही हो चुकी
है। केवल वे कर्मचारी ही ड्यूटी पर नहीं आ पा रहे हैं
जो कोरोना के
कंटेनमेंट जोन में फंसे हुए हैं। कंटेनमेंट की अवधि
पूरी हो जाने के बाद
यह कर्मचारी भी अपनी ड्यूटी पर आ जाएंगे। कर्मचारियों
की अब कोई कमी नहीं
है। कोरेाना से बचाव के लिए प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन
द्वारा जारी किए
गए सभी दिशा-निर्देशों का पालन कराया जा रहा है। कार्य
स्थल व कैंटीन तथा
रेस्ट एरिया में भी सामाजिक दूरी का पूरा पालन हो रहा
है। इसी प्रकार
सैनिटाइज की व्यवस्था भी सभी प्लांटों व कार्यालयों
में की गई है। शिफ्ट
समाप्त हो जाने के बाद पूरे प्लांट को सैनिटाइज कराने
की व्यवस्था भी
प्रबंधन ने की है। समय-समय पर कर्मचारियों की जांच
भी प्रबंधन करा रही
है।

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