गुरुग्राम। यदि 30 जून तक जिला अदालत परिसर स्थित अधिवक्ताओं के हॉल नंबर एक, 2 व 3 को उनके बैठने के लिए नहीं खोला गया तो एक जुलाई को अधिवक्ता अपनी मनमर्जी से उक्त तीनों हॉल में अपनी अपनी सीट पर बैठकर कार्य करेंगे। यह घोषणा बुधवार को जिला अदालत परिसर स्थित जिला बार एसोसिएशन के कार्यालय में आयोजित प्रैसवार्ता में जिला बार के अध्यक्ष अधिवक्ता सीके शर्मा, पूर्व अध्यक्ष कुलभूषण भारद्वाज, अजय चौधरी, संतोख सिंह, अधिवक्ता सुभाष ग्रोवर आदि ने की है। उनका कहना है कि गत माह अदालत परिसर स्थित रिकॉर्ड रुम में भीषण अग्रिकांड हो गया था। सुरक्षा की दृष्टि से जिला प्रशासन ने हॉल नंबर एक, 2 व 3 को अस्थायी रुप से बंद कर दिया था। यानि कि अधिवक्ताओं को इन हॉल में बैठने व कार्य करने के लिए साफ मना कर दिया था कि कभी भी कोई अप्रिय घटना घटित हो सकती है। उनका कहना है कि अग्रिकांड हुए काफी समय बीत चुका है और सफाई आदि का कार्य भी लगभग पूरा हो चुका है। पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों ने भी माना है कि उक्त तीनों हॉल में अधिवक्ता बैठकर अपना काम कर सकते हैं। किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं है। बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों व वरिष्ठ अधिवक्ताओं का कहना है कि अदालत परिसर के निकट ही जस्टिस टॉवर का निर्माण किया गया है और इस टॉवर में संभवत: जुलाई माह में सभी अदालतें ट्रांसफर हो जाएंगी। लेकिन जस्टिस टॉवर में अधिवक्ताओं को चैंबर आदि की कोई सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई है। ऐसे में वह कैसे अपने मुवक्किलों के मामलों की पैरवी अदालतों में कर पाएंगे। इन तीनों हॉल में बैठने वाले अधिकांश वरिष्ठ अधिवक्ता ही हैं और उनके पास अन्य कोई स्थान भी नहीं है। उन्होंने अपनी इस समस्या से सर्वोच्च न्यायालय, पंजाब एंड हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीशों, प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन को भी अवगत करा दिया है। हॉल बंद किए जाने को लेकर अधिवक्ताओं में बड़ा रोष व्याप्त हो रहा है। बार एसोसिएशन ने जिला प्रशासन से आग्रह किया है कि इस समस्या का शीघ्र समाधान कराया जाए, ताकि अधिवक्ताओं को कोई बड़ा कदम उठाने पर मजबूर न होना पड़े। इस अवसर पर बार एसोसिएशन के सदस्य अधिवक्ता भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
अग्रिकांड के बाद बंद किए अधिवक्ताओं के तीनों हॉल को खोला जाए पुन:

