गुडग़ांव- बिजली निगम द्वारा उपभोक्ता से किसी अन्य उपभोक्ता के बिल की धनराशि का भुगतान कराने के मामले में स्थायी लोक अदालत की चेयरमैन शशिबाला चौहान ने सुनवाई करते हुए बिजली निगम की कार्यवाही को गलत पाया है और बिजली निगम को आदेश दिए हैं कि पीडि़त उपभोक्ता द्वारा जमा कराई गई 25 हजार 524 की धनराशि को उसके आगामी बिजली बिलों में समायोजित किया जाए और साथ ही साढ़े 5 हजार रुपए मामले के हर्जा-खर्चा के लिए उपभोक्ता को देने के आदेश दिए हैं।
पीडि़त उपभोक्ता के अधिवक्ता क्षितिज मेहता से प्राप्त जानकारी के अनुसार सैक्टर 55 के महेंद्र सिंह जयंत पर क्षेत्र की बिजली निगम ने अन्य उपभोक्ता चैतन्य बेदी के नाम पर 25 हजार 524 रुपए बिजली के बिल के निकलते थे। बिजली निगम ने महेंद्र सिंह से कहा कि वह इस धनराशि को भर दे, नहीं तो उसका बिजली कनेक्शन काट दिया जाएगा। जिस पर महेंद्र ङ्क्षसह ने स्थायी लोक अदालत में पब्लिक यूटीलाईज सर्विसेज के तहत केस फाइल कर दिया था। जिस पर सुनवाई करते हुए चेयरमैन ने उपभोक्ता से ली गई राशि को गलत करार देते हुए उक्त फैसला पिछले दिनों सुनाया है। अधिवक्ता का कहना है कि बिजली निगम के खिलाफ कार्यवाही करने का मामला भी दायर करने की तैयारी उपभोक्ता कर रहा है।

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