गुडग़ांव-देश के सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटरों में कपिल देव की गिनती होती है। वह भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान भी रह चुके हैं। उनके नेतृत्व में भारतीय टीम ने विश्वकप जीतने का गौरव भी प्राप्त किया। वर्ष 2002 में वह सदी के भारतीय क्रिकेट चुने गए थे। उनके जन्मदिन पर
क्रिकेटप्रेमियों ने कहा कि उनका जन्म 6 जनवरी 1959 को चंडीगढ़ में हुआ था। उन्होंने अपने क्रिकेट कैरियर की शुरुआत 1975 में हरियाणा की ओर से गौरव के विरुद्ध घरेलू क्रिकेट से की थी। वह एक ऑलराउण्डर थे, जो दायें हाथ से बल्लेबाजी एवं तेज गेंदबाजी भी करते थे। अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट में उनका पदार्पण पाकिस्तान के विरुद्ध फैसलाबाद में आयोजित क्रिकेट मैच में 16 अक्टूबर 1978 को हुआ था। क्रिकेट प्रेमियों ने कहा कि 1982-83 में उन्हें विश्वकप की कप्तानी का अवसर मिला। उनके नेतृत्व क्षमता से भारत को प्रथम विश्वकप जिताया और रातोंरात वह भारतीय इतिहास का चमकता सितारा बन गए।
मोहम्मद अजहरुद्दीन की कप्तानी में उन्होंने 1992 के विश्वकप में अपना अंतिम अन्तर्राष्ट्रीय मैच खेला था। उन्होंने अपने क्रिकेट जीवन में एक दिवसीय क्रिकेट में 225 और टेस्ट क्रिकेट में 131 मैच खेले। 1983 के विश्वकप में जिम्बांवे के विरुद्ध उनकी 175 रन की अविस्मरणीय पारी को नहीं भुलाया जा सकता। कपिल देव ने 1994 में अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया। कपिल देव आजकल सामाजिक कार्यों में लगे हैं। शिक्षा के क्षेत्र में वह अपनी खुशी नामक संस्था के माध्यम से जरुरतमंद बच्चों के लिए कई विद्यालय भी चला रहे हैं। क्रिकेटप्रेेमियों ने क्रिकेट में प्रयासरत युवा क्रिकेटरों से आग्रह किया है कि वे कपिल देव से प्रेरणा लेकर क्रिकेट में अपना स्थान बनाएं और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करें।

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