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डा. राधाकृष्णन जितने बड़े विद्वान थे, उनके विचार उतने ही थे महान : राजेश पटेल


गुडग़ांव। देश के दूसरे राष्ट्रपति व शिक्षाविद् डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की 48वीं पुण्यतिथि विभिन्न सामाजिक व शिक्षण संस्थाओं द्वारा धूमधाम से मनाई गई। इसी क्रम में सामाजिक संस्था डा. राजेंद्र प्रसाद फाउण्डेशन व महिला जनसेवा समिति द्वारा राजेंद्रा पार्क व राम विहार धनवापुर क्षेत्र स्थित एक स्कूल परिसर में डा. राधाकृष्णन की पुण्यतिथि पर कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में संस्था से जुड़े सदस्य व क्षेत्र के बच्चे भी बड़ी संख्या में शामिल हुए और उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

संस्था के अध्यक्ष राजेश पटेल ने कहा कि 20वीं सदी के सबसे महान विद्वानों में से डा. कृष्णन एक थे। हालांकि अंग्रेजों ने उन्हें सर की उपाधि से नवाजा हुआ था, लेकिन उन्होंने कभी भी अपने नाम के साथ इस उपाधि को नहीं जोड़ा। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व योगदान दिया था। उनके जन्मदिन को शिक्षक दिवस के रुप में आज भी मनाया जाता है। शिक्षकों के कल्याण के लिए उन्होंने बहुत कार्य किए थे। शिक्षक दिवस पर शिक्षकों के कल्याण के लिए कई योजनाएं आज भी जारी हैं, जिनके तहत जरुरतमंद शिक्षकों को सहायता भी दी जाती है। वक्ताओं ने कहा कि डा. राधाकृष्णन को भारतीय संस्कृति का संवाहक, प्रख्यात शिक्षाविद् व महान दार्शनिक माना जाता है। वह जितने बिड़े विद्वान थे, उनके विचार उतने ही महान थे। उनके विचारों से सभी को प्रेरणा लेनी चाहिए।

श्रद्धांजलि देने वालों में शुभम कुमार, रुपा पटेल, रश्मि, मीरा, संजना, धर्मवीर, राजेश, कुंदन, अंजलि, हिमांशु व स्कूल के शिक्षक-शिक्षिकाएं आदि शामिल रहे।

Comments (1)

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