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बाबा सोहन सिंह भकना का स्वतंत्रता संग्राम आंदोलन में रहा बड़ा योगदान

गुडग़ांव- देशवासी आजादी का 75वां अमृत महोत्सव मना रहे हैं। ऐसे में उन क्रांतिकारियों व स्वतंत्रता सेनानियों को देश याद कर रहा है, जिन्होंने देश को आजाद कराने के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान भी दिया था। इन क्रांतिकारियों में से बाबा सोहन सिंह भकना भी एक थे। उनकी पुण्यतिथि पर उन्हें याद करते हुए नगर निगम वार्ड 16 के भावी पार्षद उम्मीदवार व समाजसेवी विशाल कटारिया ने कहा कि उनका जन्म अमृतसर में 22 जनवरी 1870 को एक संपन्न किसान परिवार में हुआ था। जब वह मात्र एक वर्ष के थे तो उनके पिता का निधन हो गया था। उनकी मांग राम कौर ने ही उनका पालन-पोषण किया था और उन्हें उनसे ही धार्मिक शिक्षा प्राप्त हुई थी।

वह उर्दू और फारसी के अच्छे ज्ञाता थे। कहा जाता है कि युवावस्था में सोहन सिंह गलत संगत में पड़ गए थे। कुछ समय बाद उनका संपर्क बाबा केशव सिंह से हुआ और उन्होंने सभी व्यसन करने भी छोड़ दिए थे। अपनी आजीविका की तलाश में अब सोहन सिंह अमेरिका भी गए। उस समय स्वतंत्रता आंदोलन चल रहा था। उन्होंने अमेरिका में रह रहे भारतीयों को स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेने के लिए प्रेरित किया और देश की आजादी के लिए उन्होंने संगठन का गठन कर क्रांतिकारी गतिविधियों को अंजाम देना शुरु कर दिया। क्रांतिकारी लाला हरदयाल अमेरिका में ही थे। उन्होंने पैसिफिक कोस्ट हिन्दी एसोसिएशन नामक संगठन बनाया, जिसके वह अध्क्ष बने थे।

उन्होंने 1857 के स्वाधीनता संग्राम की स्मृति में गदर नाम का पत्र भी प्रकाशित किया था। गदर पार्टी का गठन कर उन्होंने कई क्रांतिकारी गतिविधियों को अंजाम दिया था। जिसके कारण उन्हें गिरफ्तार कर लाहौर जेल भेज दिया गया था। उन पर व उनके साथियों पर प्रथम लाहौर षडय़ंत्र केस भी चला था और उन्हें आजीवन कारावास की सजा भी अंग्रेजों ने सुनाई थी।  16 वर्ष जेल मे बिताने पर भी अंग्रेज़ सरकार का इरादा उन्हें जेल में ही सड़ा कर मारने का था। जिस पर उन्होंने अनशन आरंभ कर दिया था। उनके बिगड़ते स्वास्थ्य को देखते हुए अंग्रेजी सरकार ने उन्हें रिहा कर दिया था। कटारिया ने कहा कि रिहाई के बाद वह कम्युनिस्ट पार्टी के प्रचार-प्रसार में लग गए थे। द्वितीय विश्व युद्ध आंरभ होने पर सरकार ने उन्हें फिर गिरफ्तार कर लिया था। देश आजाद होने के बाद 20 दिसम्बर 1968 को बाबा सोहन सिंह भकना का निधन हो गया था। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे बाबा सोहन सिंह भकना के जीवन से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ें।

Comments (2)

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