गुरुग्राम। मणिपाल हॉस्पिटल, गुरुग्राम के डॉक्टरों की टीम ने एक 28 वर्ष के पुरुष का हाथ, जो पूरी तरह से कट चुका था, उसे एक जटिल सर्जरी की मदद से फिर से शरीर से जोड़ दिया। मरीज के हाथ का एक तिहाई हिस्सा तेज धार से कट गया था। इस कटे हुए हाथ के साथ मरीज को नजदीकी हॉस्पिटल ले जाया गया, जहाँ इस हाथ को अच्छी तरह से संरक्षित किया गया। हाथ को फिर से शरीर से जोड़ने की प्रक्रिया के लिए यह एक बहुत महत्वपूर्ण कदम होता है। इसके बाद मरीज को घाव का इलाज करने और कटा हुआ हाथ फिर से जोड़ने के लिए मणिपाल हॉस्पिटल, गुरुग्राम लाया गया, जहाँ पर तुरंत मरीज की सर्जरी शुरू कर दी गई। *डॉ. आशीष मणिपाल हॉस्पिटल, गुरुग्राम* की टीम पहले से ही इस रिप्लांटेशन सर्जरी के लिए तैयार थी। डॉ. आशीष ने कहा, ‘‘कटे हुए अंग को लगाने के मामले असामान्य नहीं हैं। लेकिन इस बारे में जागरुकता बढ़ाए जाने की जरूरत है। जिन हॉस्पिटलों में रिइंप्लांटेशन की टीमें मौजूद रहती हैं, वहाँ पर कटे हुए अंगों को फिर से स्थापित किया जा सकता है। अगर शरीर के कटे हुए हिस्से में बहुत ज्यादा नाजुक नसें, टेंडन और रक्तवाहिनियाँ होती हैं, तो कटे हुए अंग को संरक्षित करने से लेकर माईक्रोसर्जरी द्वारा रिपेयर करने तक एक-एक मिनट बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है। यह मामला खास था क्योंकि जो अंग कटा था, वे पेरिफेरल स्थान पर था। प्राथमिक केयर प्रदाता के जागरुक होने तथा समय पर रिफर करने से कटे हुए हाथ को बचाने में काफी मदद मिली। इस मामले ने प्रदर्शित किया है कि मरीज की इच्छाशक्ति और प्राथमिक केयर द्वारा तुरंत प्रतिक्रिया इलाज के सफल परिणाम प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।’’यह कॉम्प्लेक्स इमरजेंसी केयर के क्षेत्र में मणिपाल हॉस्पिटल, गुरुग्राम की एक बड़ी उपलब्धि है। आधुनिक सर्जिकल विशेषज्ञता और मल्टीडिसिप्लिनरी सहयोग के साथ मणिपाल हॉस्पिटल, गुरुग्राम लगातार जीवनरक्षक इलाज प्रदान कर रहा है। यहाँ पर गंभीर चोटों से पीड़ित मरीजों के लिए हाई-क्वालिटी ट्रॉमा केयर उपलब्ध है।
एक जटिल सर्जरी की मदद से डॉक्टरों ने जोड़ दिया मरीजका हाथ

