गुडग़ांव। रंगमंच के क्षेत्र में गुडग़ांव का बड़ा योगदान रहा है। गुडग़ांव के कई रंगकर्मियों व कलाकारों ने राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय क्षेत्र में प्रतिभा का प्रदर्शन कर देश, प्रदेश व गुरुग्राम का नाम रोशन किया है। पालम विहार क्षेत्र स्थित एमफी थिएटर में चल रहे रंग महोत्सव रंगलाटू में प्रताप सहगल द्वारा लिखित नाटक मौत क्यों रात भर नहीं आती का सफल मंचन किया गया। इसका निर्देशन गुरुग्राम के वरिष्ठ रंगकर्मी फिल्म एवं टीवी कलाकार मोहन कांत ने किया।
नाटक में मुख्य भूमिका निभाने वालों में गुडग़ांव के ही रंगकर्मी हर्ष कुमार, तनुश्री,ख्मोहन कांत, सूरज कुशवाह और हर्षित गुप्ता ने अभिनय किया। मोहनकांत ने बताया कि इस नाटक की कहानी एक मध्यमवर्गीय परिवार के व्यक्ति की है। जो कर्ज के बोझ तले तथा अपने परिवार की जरूरतों को पूरा न कर पाने की वजह से आत्महत्या करने का निर्णय लेता है और आत्महत्या के विभिन्न तरीकों को अपनाने की कोशिश करता है, लेकिन हर तरीके में विफल रहता है। उन्होंने बताया कि आत्महत्या के विभिन्न तरीकों का भी कलाकारों ने बड़ी ही गंभीरता से मंचन किया और दर्शकों की खूब तालियां बटोरी।
मोहन कांत का कहना है कि भाग्य की विडंबना देखिए जिन कर्ज की वजह से वह आत्महत्या करना चाहता है लेकिन मर नहीं पाता और उसे जब उसे 80 लाख रुपए का धन मिलता है तो उसे इतनी खुशी होती है कि वह हृदयाघात का शिकार हो जाता है। इस अवसर पर शहर के रंगकर्मी अनिल संदूजा, नवीन कपूर, विजय भटोतिया, सुहासिनी, चारु भटनागर, पूनम टंडन, आदिति जैन, वर्षा, हेमंत, सत्यम त्यागी, हर्ष झा तथा बड़ी संख्या में नाटकप्रेमी भी मौजूद रहे।


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