श्रमिक संगठनों ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर की मांग, श्रमिक नेता को जेल से किया जाए तुरंत रिहा
गुडग़ांव। वाहन निर्मात्री होण्डा मोटर्स की श्रमिक यूनियन के पूर्व प्रधान व एटक के वरिष्ठ पदाधिकारी कामरेड सुरेश गौड को उनके खिलाफ लंबित पड़ी एफआईआर में नाम होने के कारण पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया है। जब उनकी गिरफ्तारी की सूचना श्रमिक संगठनों को मिली तो एटक सहित विभिन्न श्रमिक संगठनों के पदाधिकारी व सदस्य एकत्रित होकर उपायुक्त को ज्ञापन देने पहुंचे।
श्रमिक संगठन एटक के जिला महासचिव कामरेड अनिल पंवार ने बताया कि प्रशासनिक अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मांग की गई है कि गिरफ्तार किए गए श्रमिक नेता को तुरंत रिहा किया जाए, ताकि जिले के औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिक शांति बनी रहे। उन्होंने बताया कि वर्ष 2007 में गु्रप फॉर सिक्योरिटी व होण्डा श्रमिक यूनियन पदाधिकारियों के आपसी विवाद में पुलिस में एक प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की गई थी, जिसमें सुरेश गौड़ का नाम दर्ज था। उस समय प्रशासनिक अधिकारियों ने आश्वस्त किया था कि जांच में सुरेश गौड़ का नाम निकाल दिया जाएगा। लेकिन उनका नाम निकाला नहीं गया। अनिल पंवार का कहना है कि गत 5 फरवरी को उनके आवास से उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। उधर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में गौड़ को भगौड़ा घोषित किया हुआ है।
अनिल पंवार का कहना है कि सुरेश गौड़ वर्ष 2007 से 2021 तक होण्डा मोटर्स में कार्यरत रहे और यूनियन के कार्यों से अनेकों बार प्रशासनिक अधिकारियों से भी मिलते रहे हैं और उन्होंने वर्ष 2014 में गुडग़ांव विधानसभा का चुनाव भी लड़ा था तो वे भगौड़े कैसे हो गए। ज्ञापन में मांग की गई है कि उनको जेल से तुरंत रिहा किया जाए। इस एफआईआर से उनका कोई लेना-देना नहीं है। श्रमिक नेताओं के मनोबल को तोडऩे का यह एक तरीका है, जो सरासर गलत है। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारी से आग्रह किया कि उनके ज्ञापन को उपायुक्त तक समुचित कार्यवाही के लिए भेज दें। ज्ञापन देने वालों में श्रमिक नेता अशोक यादव, श्रीभगवान, ब्रह्मपाल, सुधीरपाल, परमानंद, बलवीर कंबोज, शिव कुमार, नरेश कुमार, एसएन दहिया, जय सिंह, श्यामवीर, चंदन सिंह, चंद्रशेखर आदि शामिल रहे।


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