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कवि व गीतकार आनंद बख्शी को उनकी जयंती पर किया याद

गुडग़ांवI भारतीय कवि व फिल्म गीतकार आनंद बख्शी की जयंती पर उन्हें याद करते हुए कलाप्रेमियों ने कहा कि रावलपिंडी जोकि अब
पाकिस्तान में 21 जुलाई 1930 को आनंद बख्शी का जन्म हुआ था। देश विभाजन के बाद उनका परिवार लखनऊ आ बसा था। आनंद बख्शी ने रॉयल इंडियन नेवी में बतौर कैडेट काम किया था। फिल्मों के प्रति उनकी बड़ी रुचि थी, जिसकी वजह से वह बंबई पहुंच गई। वर्ष 1958 में भगवान दादा की फिल्म भला आदमी में उन्हें गीत लिखने का मौका मिला। सदा बहार फिल्म मेहेंदी लगी मेरे हाथ, जब जब फूल खिले, हिमालय की गोद में, मिलन  आदि के गीतों ने उन्हें सफल गीतकार बना दिया।

संगीत प्रेमियों का कहना है कि 1969 की आराधना फिल्म के गीत भी आनंद बख्शी ने ही लिखे थे। गायक किशोर कुमार, अभिनेता राजेश खन्ना और संगीतकार आरडी बर्मन की सफलता में आनंद बख्शी का बड़ा योगदान माना जाता है। इन जोडिय़ों ने आगे चलकर कई सदाबहार गीत भी लिखे और उनकी फिल्म बड़ी सफल भी रही। संगीतप्रेमियों का कहना है कि उन्होंने 40 वर्षों तक फिल्म जगत में 600 फिल्मों के लिए 4 हजार से अधिक गीत लिखे। उन्हें सर्वश्रेष्ठ गीतकार के लिए फिल्मफेयर पुरुस्कार से भी पुरुस्कृत किया गया। 30 मार्च 2002 को गीतकार आनंद बख्शी का निधन हो गया। संगीतप्रेमियों का कहना है कि आनंद बख्शी से संगीत के क्षेत्र में जुटे कलाकारों को प्रेरणा लेनी चाहिए, यही उनके लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

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