NCRNewsScienceTechnologyअर्थव्यवस्थादेशबिज़नेसराजनीतिराज्यस्वास्थ्य

रात्रि छापेमारी में 8 हजार किलो संदिग्ध पनीर बरामद,

पुन्हाना-पिनगवां की अधिकांश डेयरियों पर लटके मिले ताले, गोधौला की तीन डेयरियों पर बड़ी कार्रवाई

पुन्हाना।खाद्य पदार्थों में मिलावट और बिना आवश्यक अनुमति के संचालित पनीर डेयरियों के खिलाफ जिला प्रशासन ने गुरुवार देर रात बड़ी कार्रवाई करते हुए पुनहाना, पिनगवां, नई और गोधौला क्षेत्र में विशेष छापेमारी अभियान चलाया। जिला उपायुक्त नूंह अखिल पिलानी के दिशा-निर्देश पर एसडीएम (ना.) अमित कुमार के नेतृत्व में प्रदूषण नियंत्रण विभाग, फूड सेफ्टी विभाग और भारी पुलिस बल की संयुक्त टीमों ने एक साथ कई डेयरियों पर दबिश दी। अभियान के दौरान गांव गोधौला की तीन डेयरियों से करीब 8 हजार किलोग्राम संदिग्ध पनीर बरामद किया गया, जिसे मौके पर ही नष्ट कर दिया गया।

प्रशासन ने अभियान के लिए चार अलग-अलग टीमें गठित की थीं। पिनगवां क्षेत्र में बीडीपीओ अंकित यादव, गोधौला में तहसीलदार संजीव नागर, नई गांव में बीडीपीओ कपिल सिंगला और पुनहाना शहर में नगरपालिका सचिव साहिल धनखड़ को ड्यूटी मजिस्ट्रेट बनाया गया। सभी टीमों ने अपने-अपने क्षेत्रों में एक साथ कार्रवाई शुरू की।

पुनहाना और पिनगवां में अधिकांश डेयरियां मिली बंद।

प्रशासन ने छापेमारी की सूचना पूरी तरह गोपनीय रखी थी, लेकिन जब टीमें पुनहाना और पिनगवां पहुंचीं तो अधिकांश पनीर डेयरियों पर ताले लटके मिले। डेयरी संचालक मौके से गायब थे, जिससे कई स्थानों पर तत्काल कार्रवाई नहीं हो सकी। इससे यह सवाल भी उठने लगा कि गोपनीय कार्रवाई की भनक डेयरी संचालकों तक पहले कैसे पहुंच गई। प्रशासन इस पहलू की भी जांच कर रहा है।

नई गांव में लिए गए सैंपल

नई गांव में एक डेयरी खुली मिली, जहां खाद्य विभाग का लाइसेंस मौजूद था। टीम ने वहां तैयार पनीर के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए। अधिकारियों ने बताया कि रिपोर्ट आने के बाद गुणवत्ता के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।अन्य डेयरी संचालक अपनी प्रतिष्ठान बंद करके भागने में कामयाब हुए।

गोधौला में सबसे बड़ी कार्रवाई

गोधौला गांव में तीन डेयरियों पर छापेमारी के दौरान करीब 8 हजार किलो संदिग्ध पनीर बरामद किया गया। फूड सेफ्टी टीम ने पनीर के नमूने लिए और बाकी पनीर को जेसीबी से गड्ढा खुदवाकर जमीन में दबाकर नष्ट कर दिया, ताकि उसे दोबारा बाजार में नहीं बेचा जा सके।

जांच के दौरान डेयरी संचालक कोई वैध लाइसेंस या आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। अधिकारियों ने डेयरियों में पनीर तैयार करने की प्रक्रिया और इस्तेमाल हो रही सामग्री की भी जांच की। प्रारंभिक जांच में मिलावट की आशंका सामने आने पर सभी नमूने प्रयोगशाला भेज दिए गए हैं।

एनसीआर में होती थी नकली पनीर की सप्लाई

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार गोधौला और आसपास के क्षेत्र में तैयार होने वाला यह संदिग्ध पनीर बड़े पैमाने पर दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल और एनसीआर के अन्य शहरों में सप्लाई किया जाता था। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र की दर्जनों पनीर डेयरी संचालकों में हड़कंप मच गया और कई संचालकों ने अपनी डेयरियां बंद कर दीं।

आगे भी जारी रहेगा अभियान

एसडीएम अमित कुमार ने कहा कि आम लोगों को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। बिना लाइसेंस डेयरी चलाने, मिलावटी पनीर बनाने या खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद संबंधित डेयरी संचालकों पर नियमानुसार मुकदमा दर्ज करने सहित अन्य कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। जिन डेयरियों पर छापेमारी के दौरान ताले मिले, उनकी भी दोबारा जांच की जाएगी।इस संयुक्त रात्रि छापेमारी के बाद पुनहाना, पिनगवां और आसपास के क्षेत्र की पनीर डेयरियों में हड़कंप का माहौल है और प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मिलावटखोरों के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।