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34वें दिन कर्मचारियों ने उल्टी झाड़ू व काले झंडे लेकर निकाला विशाल विरोध मार्च

गुरुग्राम। प्रदेश सरकार की पालिका कर्मचारी विरोधी नीतियों के विरोध में हड़ताली सफाई व फायर कर्मचारियों ने 34वें दिन उल्टी झाड़ू व काले झंडे लेकर विशाल विरोध मार्च निकाला। उल्टी झाड़ू और काले झंडे हाथों में थामे कर्मचारियों ने सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए अग्रसेन चौक, शमा रेस्टोरेंट, सेशन हाउस, पटवार भवन, झाड़सा रोड, सिविल लाइन, मोरनी चौक और धर्मशाला चौक से होते हुए पुन: निगम कार्यालय तक प्रदर्शन किया। कर्मचारी संघ के राज्य उप प्रधान बसंत कुमार ने कहा कि सरकार और उसके स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल, सामाजिक न्याय मंत्री कृष्ण बेदी और राजकुमार वाल्मीकि जनता व कर्मचारियों को गुमराह कर रहे हैं। मंत्रियों द्वारा 12, 13 या 14 मांगें मानने के दावे पूरी तरह झूठे हैं, क्योंकि सरकार ने अब तक कोई लिखित नोटिफिकेशन या आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया है। उनका कहना है कि कर्मचारियों के सस्पेंशन, टर्मिनेशन और दर्ज पुलिस केस तुरंत रद्द किए जाएं। 13 मई के समझौते को लागू कर स्वीकार की गई मांगों के लिखित आदेश तत्काल जारी किए जाएं। सफाई व सीवर कार्य से ठेका प्रथा समाप्त कर नए पद सृजित किए जाएं और पक्की भर्ती की जाए। मृतक फायर कर्मचारी रणबीर व भवी चंद शर्मा के आश्रितों को वादे के मुताबिक 50-50 लाख रुपये का मुआवजा व पक्की नौकरी दी जाए। हड़ताल के दौरान सफाई के नाम पर पुलिस बल की आड़ में फर्जी बिल बनाकर की जा रही सरकारी धन की लूट की निष्पक्ष जांच हो। उन्होंने कहा कि यदि 9 सितंबर तक सरकार ने बातचीत के जरिए मांगों का सम्मानजनक समाधान नहीं निकाला, तो इस अनिश्चितकालीन हड़ताल को और अधिक कड़ा तथा आगे बढ़ाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।