गुडग़ांव, श्रमिकों का प्रतिनिधित्व करने वाले श्रमिक संगठन
सीटू की बैठक का आयोजन जैकबपुरा क्षेत्र स्थित कार्यालय में संगठन के
प्रदेशाध्यक्ष कामरेड सतबीर सिंह की अध्यक्षता में किया गया, जिसमें
संगठन से जुड़े पदाधिकारी व सदस्य बड़ी संख्या में शामिल हुए। संस्था के
सचिव कामरेड राजेन्द्र सरोहा ने बताया कि हाल ही में संपन्न हुए लोकसभा
चुनाव व भविष्य में श्रमिकों के मुद्दों पर पडऩे वाले प्रभाव का आंकलन
किया गया। कामरेड सतवीर सिंह ने कहा कि गत 5 वर्षों में केंद्र सरकार
द्वारा श्रमिकों व मजदूरों की अनदेखी की गई है। भविष्य में भी किसी
प्रकार की राहत मिलने की कोई संभावना नहीं है। श्रमिक व मजदूर वर्ग को
अपने अधिकारों की लड़ाई लडऩे के लिए नई ऊर्जा के साथ एकता बनाते हुए
केंद्र व राज्य सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों का मुकाबला करने के लिए
तैयारी करनी चाहिए। श्रमिकों व मजदूरों की एकता के कारण ही सरकार को
रोडवेज के निजीकरण के निर्णय को वापिस लेना पड़ा तथा बेड़े में नई बसें
लाने के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्होंने कहा कि सीटू के स्वर्ण जयंती वर्ष
के लिए कार्यक्रमों को रूपरेखा तेयार की गई। सीटू का राष्ट्रीय
सम्मेलनचेन्नई में 22 से 26 जनवरी 2020 में होना है। इससे पहले राज्य
सम्मेलन फरीदाबाद या सिरसा में नवंबर के तीसरे सप्ताह में होना निश्चित
हुआ है। गुडग़ांव में सम्मेलन 26 जुलाई को प्रस्तावित है, जिसके लिए सभी
यूनियनों की जिम्मेदारियां तय की जा रही है। बैठक में कामरेड एसएल
प्रजापति, कंवर लाल यादव, मनविन्द्र सिंह, प्रदीप कुमार, धर्मवीर सिंह,
मूर्ति देवी, योगेश कुमार, बलबीर सिंह, पूनम, पिंकी, ऊषा सरोहा आदि मौजूद
रहे।
सीटू की बैठक का हुआ आयोजन 5 वर्षों में केंद्र सरकार ने की है श्रमिकों व मजदूरों की अनदेखी : कामरेड सतबीर सिंह


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