NCRNewsUncategorizedअर्थव्यवस्थादेशबिज़नेसराजनीतिराज्य

वनवासी कल्याण आश्रम 64,000 जनजातीय गांवों तक पहुंचा: सत्येंद्र सिंह

गुरुग्राम। अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय अध्यक्ष सत्येंद्र सिंह ने कहा कि संगठन ने भारत के दूरदराज के जंगलों और जनजातीय क्षेत्रों में स्थित 64,000 से अधिक गांवों तक अपनी पहुंच बना ली है और वनवासी समुदायों के समग्र विकास के लिए कार्य कर रहा है। वे यहां एक बैठक के दौरान मीडिया से बातचीत कर रहे थे।सत्येंद्र सिंह ने कहा कि देश के जनजातीय समाज तक पहुंचना एक बहुत बड़ा कार्य है, क्योंकि वनवासी समुदाय देश के लगभग 1,88,000 गांवों में फैले हुए हैं। उन्होंने कहा कि संगठन का लक्ष्य 12 करोड़ से अधिक वनवासियों तक पहुंचना है, जो भारत में जनजातीय कल्याण के लिए जमीनी स्तर पर चलाए जा रहे सबसे बड़े प्रयासों में से एक है। सत्येंद्र सिंह ने कहा कि देश के हर वनवासी परिवार तक पहुंचना एक बड़ी जिम्मेदारी है। हमारे कार्यकर्ता लगातार दूरस्थ जंगलों और जनजातीय क्षेत्रों में रहने वाले समुदायों से संपर्क कर रहे हैं, ताकि उनके सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को सुनिश्चित किया जा सके।
इस बैठक में संगठन के शीर्ष नेतृत्व भी उपस्थित रहे, जिनमें केंद्रीय मार्गदर्शक सोमैया जुलु, महेंद्र नरेश (हरियाणा अध्यक्ष), सुरेंद्र शर्मा (महासचिव, वनवासी कल्याण आश्रम हरियाणा) तथा विभाग संयोजक जगदीश कुकरेजा शामिल थे। इसके अलावा गुरुग्राम समिति के कार्यकारी सदस्य भी बैठक में मौजूद रहे।
सत्येंद्र सिंह ने बताया कि अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम वर्तमान में देशभर में 16,413 स्थानों पर 22,000 से अधिक परियोजनाएं चला रहा है, जो भारत के 90 प्रतिशत से अधिक जनजातीय जिलों को कवर करती हैं। इन पहलों के अंतर्गत शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, सांस्कृतिक संरक्षण और ग्राम विकास जैसे क्षेत्रों में कार्य किया जा रहा है। सिंह के अनुसार संगठन जनजातीय विकास के 14 प्रमुख आयामों पर काम कर रहा है, जिनमें शिक्षा प्रसार कार्यक्रम, जनजातीय विद्यार्थियों के लिए छात्रावास, दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं, समुदाय के अधिकारों की सुरक्षा तथा गांव स्तर पर बुनियादी ढांचे और आत्मनिर्भरता को मजबूत करने के प्रयास शामिल हैं।संगठन के नेताओं ने कहा कि इस प्रकार की पहलें जनजातीय विरासत के प्रति जागरूकता बढ़ाने और राष्ट्रीय विकास में वनवासी समुदायों की भागीदारी को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से की जा रही हैं।