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तीसरे चरण के लॉकडाउन का 12वां दिन दिल्ली सीमा सील होने के कारण नहीं पहुंच पा रहे हैं श्रमिक प्रतिष्ठानों में मारुति सुजूकी के मानेसर प्लांट में उत्पादन पकड़ता जा रहा है गति सदर बाजार में कपड़ों की दुकानें खुली, कम संख्या में पहुंचे खरीददार लॉकडाउन का पालन कराने में जिला प्रशासन है प्रयासरत कोरोना पॉजिटिव की संख्या में वृद्धि से सभी हैं चिंतित

गुडग़ांव, कोरोना वायरस से बचाव के लिए लॉकडाउन चल रहा है।
जिला प्रशासन तीसरे चरण के लॉकडाउन का पूरा पालन कराने में जुटा है।
तीसरे चरण के लॉकडाउन के 12वें दिन शहर के कुछ क्षेत्रों को छोडक़र आज भी
सडक़ें सुनसान दिखाई देती हैं। हालांकि जिला प्रशासन ने तीसरे चरण के
लॉकडाउन में औद्योगिक व व्यवसायिक क्षेत्रों को कुछ राहत अवश्य दी है,
लेकिन पर्याप्त संख्या में इन प्रतिष्ठानों में श्रमिकों के न पहुंच पाने
के कारण उत्पादन शुरु नहीं हो पा रहा है। क्योंकि दिल्ली-गुडग़ांव सीमा
सील की हुई हैं। दिल्ली से आने वाले श्रमिकों को गुडग़ांव में कोरोना
वायरस के प्रकोप के चलते प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है।
दिल्ली-गुडग़ांव सीमा पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात हैं। गुडग़ांव
में प्रतिदिन कोरोना पॉजिटिव की संख्या बढ़ती जा रही है, जिससे जिला
प्रशासन व जिले के लोग भी काफी चिंतित दिखाई दे रहे हैं। जिला प्रशासन ने
कोरोना वायरस के प्रकोप से लोगों को बचाने के लिए कंटेनमेंट क्षेत्रों
में भी वृद्धि कर दी है। जहां गुडग़ांव में 34 क्षेत्रों को कंटेनमेंट
घोषित किया गया है, वहीं आस-पास के क्षेत्रों को बफर जोन में रखा गया है।
इसी प्रकार जिले के सोहना को भी कंटेनमेंट क्षेत्र में शामिल किया गया है
और आस-पास के क्षेत्र भी बफर जोन में शामिल हैं। जिला प्रशासन लोगों से
सामाजिक दूरी का पालन करते हुए कोरोना से बचाव के प्रयास का आग्रह भी कर
रहा है, ताकि कोरोना पॉजिटिवों की संख्या में वृद्धि न हो सके। उधर
आईएमटी मानेसर स्थित मारुति सुजूकी के प्लांट में वाहनों का उत्पादन जारी
है। सूत्रों का कहना है कि उत्पादन धीरे-धीरे तेजी पकड़ता जा रहा है।
पूरी गति से उत्पादन होने में अभी समय लगेगा। इसी प्रकार मारुति सुजूकी
के गुडग़ांव प्लांट में भी अगले सप्ताह उत्पादन शुरु होने की संभावनाएं
प्रबल प्रतीत हो रही हैं। शुक्रवार को जिला प्रशासन के आदेशों की पालना
करते हुए रेडीमेट गारमेंट व कपड़ों की बिक्री करने वाली दुकानें खुली।
गौरतलब है कि सदर बाजार में गारमेंट व कपड़ों की दुकानें सबसे अधिक हैं।
इन दुकानों से लोग अपनी जरुरत के कपड़े आदि भी खरीदते दिखाई दिए। हालांकि
दुकानदारों का कहना है कि दुकानें काफी समय बाद खुली हैं, अभी ग्राहक कम
ही संख्या में आ रहे हैं। क्योंकि सायं 3 बजे दुकानें बंद भी हो जाएंगी।
सप्ताह में केवल 2 दिन ही इस प्रकार की दुकानों को खोलने के आदेश जिला
प्रशासन ने दिए हैं। हालांकि खाद्य पदार्थों की दुकानें प्रतिदिन नियमित
रुप से प्रात: 9 बजे से सायं 5 बजे तक शहर के सभी क्षेत्रों में खोली जा
रही हैं, ताकि लोग अपनी जरुरत का सामान खरीद सकें। जिला प्रशासन ने सायं
7 बजे से प्रात: 7 बजे तक शहरी क्षेत्र में आवागमन पर पूरा प्रतिबंध
लगाया हुआ है। इस प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों पर पुलिस कार्यवाही भी
कर रही है।

Comments (3)

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