गुरुग्राम।सर्वोच्च न्यायालय के 53वें मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) के रुप में जस्टिस सूर्यकांत की नियुक्ति पर गुरुग्राम ही नहीं, अपितु पूरे प्रदेश में खुशी का माहौल देखने को मिल रहा है। महम चौबीसी ब्राह्मण समाज के पूर्व प्रधान घनश्याम, आरडब्ल्यूए के वाइस चेयरमैन रणवीर अत्री उर्फ मालूराम शर्मा, कृष्ण सरपंच, शिव शर्मा, रघुवीर शर्मा, नवीन, सुंदर, जयभगवान, सुरेश आदि ने शुभकामनाएं दी हैं। उनका कहना है कि हिसार जिले के गांव पेटवाड़ में जन्मे जस्टिस सूर्यकांत ने देश के 53वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली है। यह हरियाणा प्रदेश के लिए गर्व की बात है। प्रदेश के लोगों को गर्व महसूस हो रहा है कि पूरे देश में हरियाणा प्रदेश की गूंज है। इतने बड़े पद पर पहुंचना किसी साधारण परिवार के व्यक्ति के लिए आसान नहीं होता। उन्होंने मेहनत के बल पर यह काम करके दिखाया है। कोई भी ग्रामीण अंचल का युवा किसी भी बड़े पद तक पहुंच सकता है। इससे युवा प्रेरणा लेंगे, पूरे गांव में खुशी का माहौल है। आज हमारे प्रदेश के लाल ने इतिहास रचने का काम कर दिया है। गौरतलब है कि हिसार जिले के गांव पेटवाड़ में जन्मे जस्टिस सूर्यकांत ने गांव प्राथमिक व माध्यमिक शिक्षा ग्रहण की। 1981 में राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय हिसार से स्नातक की उपाधि प्राप्त की। 1984 में महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक से विधि स्नातक की उपाधि प्राप्त की। 1984 में हिसार जिला न्यायालय में वकालत शुरू की। 1985 में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में वकालत करने के लिए चंडीगढ़ चले गए। सात जुलाई 2000 को हरियाणा के सबसे युवा महाधिवक्ता नियुक्त होने का गौरव इन्होंने प्राप्त किया। मार्च 2001 में वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में नामित किया गया। 9 जनवरी 2004 को पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के स्थायी न्यायाधीश बने। 5 अक्टूबर 2018 से 23 मई 2019 तक हिमाचल प्रदेश के मुख्य न्यायाधीश पद पर रहे। 24 मई, 2019 को भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत हुए।
जस्टिस सूर्यकांत के सीजेआई बनने पर हर समाज में उत्साह की लहर

