गुरुग्राम। मुस्लिम समुदाय का माह-ए-रमजान चल रहा है। चौथे जुम्मे पर समुदाय के लोगों ने 23वां रोजा रखकर शहर के विभिन्न क्षेत्रों स्थित मस्जिदों में जुम्मा की नमाज अता की। जुम्मे की नमाज में बड़ी संख्या में रोजेदार शामिल हुए और उन्होंने देश और विश्व में अमन-चैन की दुआ की। सभी मस्जिदों में जुम्मे की नमाज के लिए व्यवस्था की गई थी। शहर के बीचोंबीच सोहना चौक स्थित जामा मस्जिद, ईदगाह व शहर के विभिन्न क्षेत्रों में नमाजियों के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी। धूप से नमाजियों को बचाने के लिए मस्जिद के आस-पास टेंट की व्यवस्था भी की गई थी। जामा मस्जिद के इमाम जान मोहम्मद का कहना है कि माह-ए-रमजान में रोजेदारों को गुनाहों से तौबा और उन्हें अच्छे इंसान की तरह व्यवस्था करना चाहिए। यह महीना बाहरी इच्छाओं पर काबू रखते हुए खुद को इबादत में मशगूल रखने का माह है। अपने आस-पास यह ध्यान रखें कि गरीबी के कारण कोई अपना रोजा सही से रख पा रहा है या नहीं। ऐसे में उनकी सहायता भी करनी चाहिए। यह ध्यान अवश्य रहे कि पड़ौसी भूखा न सोए। रमजान का यह माह इंसानियत का पैगाम देने वाला माह है। जुम्मा की नमाज अता करने के लिए आए लोगों ने जामा मस्जिद के आस-पास लगी दुकानों से खाद्य सामग्री, फल, सैंवई, खजूर आदि की भी खरीददारी की। उधर जिला प्रशासन ने भी मस्जिद के आस-पास शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस के जवान तैनात किए हुए थे, ताकि रोजेदारों को किसी प्रकार की परेशानियों का सामना न करना पड़े। इमाम ने बताया कि आज शनिवार को 24वां रोजा है। जिसमें खत्म सहरी का समय प्रात: 5 बजकर 13 मिनट व रोजा इफ्तार का समय सायं 6 बजकर 30 मिनट होगा।
चौथे जुम्मे पर रोजेदारों ने मस्जिदों में अता की जुम्मे की नमाज

