गुरुग्राम। धार्मिक संस्था ब्रह्माकुमारीज़ के बिलासपुर क्षेत्र स्थित ओम शांति रिट्रीट सेंटर (ओआरसी) परिसर में स्वर मंजरी ऑडियो स्टूडियो का शुभारंभ ओआरसी की निदेशिका राजयोगिनी बीके आशा व अन्य वरिष्ठ पदाधिकािरयों ने रिबन काटकर किया। विशेष संगीत संध्या समारोह का आयोजन भी हुआ, जिसमें वायलिन वादक डॉ. संगीता शंकर सहित अन्य कलाकारों ने कला का मंचन किया। डॉ. संगीता ने कहा कि संगीत मन को एकाग्र कर ईश्वर से जोड़ता है। संगीत और योग का बहुत गहरा संबंध है। शास्त्रों में संगीत की गहरी शिक्षा दी गई है। केंद्र की निदेशिका राजयोगिनी बीके आशा ने कहा कि संस्था की स्थापना में आध्यात्मिक गीतों का विशेष महत्व रहा है। ब्रह्मा बाबा स्वयं भी गीत लिखा करते थे। ओआरसी में बना ये स्टूडियो अनेक गीतों की रचना का माध्यम बनेगा। राजयोगिनी बीके शुक्ला ने कहा कि संगीत हमें खुशनुमा जीवन जीने की कला सिखाता है। बीके चक्रधारी दीदी ने कहा कि संगीत के साथ भावना, आस्था और विश्वास गीत को अमर बना देते हैं। आयोजन में गायक पंडित ब्रजेश मिश्रा, हरीश मॉयल, चांद बजाज, बीके नितिन, बीके अविनाश, बीके रीना एवं बीके हंसी विश्वकर्मा ने मधुर स्वरों से सबका मन मोह लिया। संस्थान के मुख्यालय माउंट आबू के बीके ललित, बीके सतीश एवं बीके विवेक ने भी आयोजन की सराहना की। आयोजन को सफल बनाने में बीके चांद व अन्य पदाधिकारियों, सदस्यों का सहयोग रहा।
ओम शांति रिट्रीट सेंटर के स्वर मंजरी ऑडियो स्टूडियो का हुआ शुभारंभ

