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इस लौकिक संसार में आद्यात्मिक होना भी है परम आवश्यक :  शंकराचार्य जगद्गुरु

गुरुग्राम। सैक्टर 5 स्थित सामाजिक संस्था वल्र्ड ब्राह्मण फेडरेशन के चेयरमैन शशिकांत शर्मा के आवास पर पहुंचे धार्मिक संस्था श्री शारदा पीठ शंकराचार्य जगद्गुरु श्री श्री विधुशेखर भारती महास्वामी का बड़ी ही गर्मजोशी के साथ अभिनंदन किया गया। शशिकांत शर्मा का कहना है कि शंकराचार्य ने ब्राह्मण समाज की भूमिका, सांस्कृतिक विरासत एवं सामाजिक उत्तरदायित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को धर्म, शिक्षा, सेवा एवं संस्कृति के संरक्षण हेतु निरंतर प्रयासरत रहना चाहिए। यही जीवन का श्रेष्ठ मार्ग है, जो व्यक्ति और राष्ट्र दोनों के उत्थान का आधार बनता है। उनका कहना है कि इस लौकिक संसार में है अध्यात्मिक  होना भी परम आवश्यक है आज की युवा पीढ़ी को कंप्यूटर की शिक्षा के साथ संस्कृत की शिक्षा भी लेनी चाहिए, हम इस लौकिक संसार में आगे तो बढ़ें लेकिन अपने संस्कारों को साथ लेकर आगे चले। उनका कहना है कि ब्राह्मणों का परम कर्तव्य है कि वह धर्मशास्त्रों का अध्ययन करें और सनातन धर्म भारतीय संस्कृति व सभ्यता का रक्षण करें। धर्मो: रक्षति: रक्षित: यानि कि आप धर्म की रक्षा करेंगे तो धर्म आपकी रक्षा करेगा। शशिकांत शर्मा का कहना है कि फेडरेशन के संस्थापक स्व. पंडित मांगे राम शर्मा को 1994 से ही शंकराचार्य का आशीर्वाद प्राप्त हुआ था और वह फेडरेशन के मुख्य संरक्षक भी रहे हैं। शंकराचार्य का गुरुग्राम आगमन समस्त समाज के लिए उत्साह एवं प्रेरणा का विषय है। इस अवसर पर शिक्षाविद् डा. अशोक दिवाकर, महावीर भारद्वाज, श्रवण दुबे, मंजीत, पी राघवेंद्र राव, टीके शर्मा, आचार्य राघवेंद्र भट्ट, गविश द्विवेदी, दिनेश वशिष्ठ, सुखबीर शर्मा, केसी पाण्डेय, प्रहलाद शर्मा, कैलाशपती शर्मा, मीनू शर्मा, दक्षेस शर्मा, अनूप शर्मा, कृष्ण कुमार भारद्वाज आदि मौजूद रहे।