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राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल का शहर में दिखा व्यापक असर

गुरुग्राम।  एक दिवसीय देशव्यापी हड़ताल का बड़ा असर गुरुग्राम में भी देखने को मिला, जिसके चलते राष्ट्रीयकृत बैंकों में कामकाज पूरी तरह बंद रहा, जिससे बैंकों में लेन-देन और अन्य वित्तीय कार्यों पर व्यापक असर पड़ा। कर्मचारियों ने शहर के विभिन्न बैंक कार्यालयों के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। यह प्रदर्शन यूएफबीयू कन्वीनर, एआईएसबीआईएसएफ के अध्यक्ष, एसबीआईएसए 8 सर्कल के मुख्य सचिव, एसबीआईएसए दिल्ली सर्कल के महासचिव, एससीबीई के वरिष्ठ उपाध्यक्ष कामरेड पंकज कौशिक एवं एओ 4 एनसीआर हरियाणा के उप महासिचव कामरेड महेश कुमार के मार्ग निर्देशन में संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में बैंक कर्मचारी और अधिकारी शामिल रहे। यूनियन के पदाधिकारियों ने सरकार और प्रबंधन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इंडियन बैंक्स एसोसिएशन और बैंक यूनियनों के बीच करीब दो साल पहले कई मांगों को लेकर लिखित समझौता हुआ था, लेकिन अब तक उसे लागू नहीं किया गया है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यह हड़ताल सरकार के लिए एक स्पष्ट संदेश है। यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के लिए विवश होंगे। बैंककर्मियों की मांग है कि पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था को जल्द लागू किया जाए। रिटायर्ड कर्मचारियों की पेंशन में बढ़ोतरी की जाए। डीए (महंगाई भत्ते) में समानता लाई जाए। बैंकों में कर्मचारी-अधिकारी निदेशकों की नियुक्ति की जाए। लाभ पर आधारित प्रोत्साहन योजना को बंद किया जाए। उनका कहना है कि यदि मांगें जल्द नहीं मानी गईं, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इसके तहत आगामी 28, 29 और 30 सितंबर को तीन दिवसीय देशव्यापी हड़ताल और 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की रूपरेखा तैयार की गई है।