गुडग़ांव, लॉकडाउन के चलते बेजुबान जानवर भी समुचित
मात्रा में चारा न मिलने के कारण परेशान हो गए हैं और वे कूड़े के ढ़ेरों
में मुंह मारते दिखाई दे रहे हैं। जिला प्रशासन ने जरुरतमंद प्राणियों के
लिए भोजन आदि की व्यवस्था तो अवश्य कर दी है और जो उन्हें नियमित रुप से
मिल भी रहा है। लेकिन इन बेजुबान के प्रति प्रशासन का ध्यान भी इस ओर
नहीं गया। हालंाकि कुछ स्वयंसेवी व धार्मिक संस्थाएं उन्हें चारा आदि
उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही हैं। इसी क्रम में कांग्रेेस के वरिष्ठ
नेता रोहताश बेदी ने अपने क्षेत्र में इन बेजुबान जानवरों, गायों आदि को
चारा व पेयजल उपलब्ध कराने का बीड़ा उठाया हुआ है। रोहताश बेदी का कहना
है कि उनका परिवार एक सैन्य परिवार है। उनके पिताजी 1965 के भारत-पाक
युद्ध में अंगहीन हो गए थे, लेकिन उसके बावजूद भी उन्होंने वर्ष 1971 के
भारत-पाक युद्ध के दौरान सैनिकों का हौंसला अफजाई करने के लिए सीमाओं तक
जाते थे। उनका प्रयास है कि लॉकडाउन के दौरान ये बेजुबान पशु भूखे न
रहें। इसीलिए वह अपने परिजनों के साथ मिलकर उनको चारा आदि उपलब्ध करा रहे
हैं। उन्होंने अन्य सामथ्र्य लोगों व संस्थाओं से आग्रह किया है कि वे भी
इस कार्य में अपना योगदान दें, ताकि इन बेजुबानों को भूख से ब
बेेजुबान पशु भी न रहें भूखे, करा रहे हैं चारा उपलब्ध


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