गुडग़ांव, आंगनवाड़ी कर्मी पूरे देश में कोरोना महामारी
के खिलाफ लड़ी जा रही जंग में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।
आंगनवाड़ी कर्मियों को न्यूनतम वेतन व पैंशन की मांगों को लेकर आंगनवाड़ी
कर्मी यूनियन की अध्यक्ष सुशीला देवी व सरस्वती आदि ने मिनी सचिवालय पर
प्रदर्शन कर प्र्रधानमंत्री के नाम प्रशासनिक अधिकारी को ज्ञापन भी
सौंपा। श्रमिक संगठन सीटू के जिला सह सचिव एसएल प्रजापति ने आंगनवाड़ी
कर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि ये कर्मी कोरेाना की जंग में अपना
महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। कोरोना के कारण लॉकडाउन की अवधि से ही
आंगनवाड़ी केंद्र बंद पड़े हैं, जिससे बच्चों की ओर कोई ध्यान नहीं दिया
जा सका है। बच्चे कुपोषण का शिकार हो सकते हैं। उनका कहना है कि
आंगनवाड़ी केंद्रों में जो खाद्य सामग्री की आपूर्ति की जाती है, वह
गुणवत्ता पर खरी नहीं उतर रही है। उन्होंने ज्ञापन में प्रधानमंत्री से
आग्रह किया है कि खाद्य सामग्री की गुुणवत्ता सही कराई जाए।
आंगनवाड़ीकर्मियों से कोरोना के दौरान अन्य काम भी लिए जा रहे हैं। बहुत
सी जगहों पर उन्हें दबंगों का सामना भी करना पड़ रहा है। कोरोना से बचने
के लिए उन्हें आवश्यक उपकरण भी उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। ज्ञापन में मांग
की गई है कि आंगनवाड़ी कर्मियों को 30 हजार रुपए और हैल्पर्स को 21 हजार
रुपए प्रतिमाह न्यूनतम वेतन दिया जाए और उन्हें पैंशन, ईएसआई व पीएफ आदि
की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, उनके भी कोरोना की जांच निशुल्क कराई जाए
तथा उनका भी 50 लाख रुपए का बीमा कराया जाए, आंगनवाड़ी वर्कर्स को जोखिम
भत्ता दिया जाए तथा जो बकाया राशि है उसका भी भुगतान कराया जाए। काम के
घंटों को बढ़ाकर 8 से 12 घंटे न किया जाए। इस प्रदर्शन में आंगनवाड़ी की
बबीता, सुमन, कमलेश, रानी, सीमा, सरोज, अनीता आदि भी मौजूद रही।
न्यूनतम वेतन व पैंशन की मांग को लेकर आंगनवाड़ी कर्मियों ने मिनी सचिवालय पर प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री के नाम जिला प्रशासन को सौंपा ज्ञापन


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