गुरुग्राम। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय और प्रदेश सरकार के संयुक्त तत्वावधान में जिले के एक आयोजन स्थल पर लीवरेजिंग एफटीए आउटरीच प्रोग्राम राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य राज्य के एमएसएमई उद्योगों और निर्यातकों को भारत द्वारा विभिन्न देशों के साथ किए गए मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उपलब्ध नए अवसरों से अवगत कराना था। कार्यक्रम में प्रदेश के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त सचिव नितिन कुमार यादव, आयुक्त व सचिव डॉ. अमित के. अग्रवाल, महानिदेशक डॉ. यश गर्ग सहित डीजीएफटी और आईटीपीओ के वरिष्ठ अधिकारी व उद्योग प्रतिनिधि शामिल हुए। कार्यशाला में निर्यात प्रक्रियाओं, ट्रेड कनेक्ट ई-प्लेटफॉर्म, गैर-टैरिफ बाधाओं और हरियाणा की नई एमएसएमई नीति पर गहन चर्चा हुई। साथ ही टेक्सटाइल, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण और इंजीनियरिंग जैसे प्रमुख निर्यात क्षेत्रों पर विशेष सत्र आयोजित किए गए। इस अवसर पर एमएसएमई इनसाइट मैगज़ीन के संस्थापक एवं वित्तीय विशेषज्ञ मुकेश पांडे ने उद्योग मंत्री को पत्रिका की प्रतियाँ भेंट कीं। उन्होंने घोषणा की कि मैगज़ीन के आगामी अंक के जरिए एफटीए और हरियाणा प्रोग्रेसिव: एमएसएमई एंड एक्सपोर्ट प्रमोशन पॉलिसी 2026 की विस्तृत जानकारी 3,500 उद्यमियों तक पहुँचाई जाएगी। नेशनल ट्रेड एंड इंडस्ट्री काउंसिल (एनटीआईसी) के अध्यक्ष गुंजन मेहता ने इस पहल का समर्थन करते हुए कहा कि सरकारी नीतियों का वास्तविक लाभ छोटे उद्यमियों तक पहुँचाने के लिए ऐसी पत्रिकाएं सरकार और उद्योग के बीच एक मजबूत सूचना सेतु का काम करती हैं। इस पहल का ध्येय हरियाणा के औद्योगिक विकास और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को गति देना है।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय व हरियाणा सरकार ने किया कार्यशाला का आयोजन

