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कूड़े के ढेर में तब्दील हुई साईबर सिटी

गुरुग्राम। विश्व प्रसिद्ध मिलेनियम सिटी, गुरु द्रोणाचार्य की पावन तपोभूमि और प्रसिद्ध शक्तिपीठ माता शीतला मंदिर के कारण पूरी दुनिया में अपनी विशेष पहचान रखने वाला गुरुग्राम शहर आज भारी प्रशासनिक अनदेखी का शिकार हो गया है। मंथन जन सेवा समिति के प्रदेश अध्यक्ष आरपी सिंह चौहान ने शहर की अव्यवस्था पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि धार्मिक, सांस्कृतिक और व्यापारिक दृष्टि से अग्रणी गुरुग्राम आज जगह-जगह लगे कूड़े के ढेरों में तब्दील हो चुका है, जो पूरे हरियाणा और देश के लिए शर्मनाक बात है। सफाईकर्मियों की हड़ताल के कारण सडक़ों और चौराहों पर कचरे के पहाड़ खड़े हो गए हैं। लगातार हो रही बारिश की वजह से सड़ते हुए कूड़े से बदबू फैल रही है, जिससे आम लोगों का सांस लेना और जीना दूभर हो गया है। घरों से कचरा उठाने वाली गाडिय़ां भी तीन से पांच दिनों में आ रही हैं, जिससे घरों के भीतर भी गंदगी जमा हो गई है और महामारी फैलने का बड़ा खतरा मंडरा रहा है। चौहान ने कहा कि गुरुग्राम पूरे हरियाणा प्रदेश के विकास के लिए 65 प्रतिशत राजस्व देता है। इसके बावजूद सरकार, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की उदासीनता के चलते यहां के निवासी खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री से इस स्थिति पर तुरंत संज्ञान लेने की अपील करते हुए मांग की है कि सफाई व्यवस्था और कचरा उठान के लिए विशेष प्रावधान बनाकर आपात स्थिति घोषित की जाए। एक ऐसी मजबूत व्यवस्था लागू की जाए जिससे भविष्य में कर्मचारियों की हड़ताल होने पर भी आपातकालीन और अनिवार्य सफाई सेवाएं ठप न हों। शहर में कोई भी संक्रामक बीमारी या महामारी फैलने से पहले सफाई व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से सुचारू रूप से बहाल किया जाए।