गुरूग्राम, कोरोना महामारी की संभावित तीसरी लहर को लेकर
आम लोगों में दिन-प्रतिदिन चर्चा बढ़ती ही जा रही है। लजोगों का कहना है
कि देश के विभिन्न प्रदेशों में त्यौहारों का सीजन शुरु हो चुका है।
कोरोना की पहली व दूसरी लहर ने भी त्यौहारों के बाद ही कहर मचा कर रख
दिया था। अब लोगों का कहना है कि बड़े-बड़े त्यौहार निकट भविष्य में आने
वाले हैं। जहां 2 दिन बाद जन्माष्टमी का पर्व है, वहीं उसके बाद नवरात्र,
दुर्गा पूजा, विजय दशमी, धनतेरस, दीपावली, गोवर्धन, भाई दूज के पर्व भी
आएंगे। ऐसे मे भीड़ होना स्वभाविक है। यदि सरकार द्वारा जारी
दिशा-निर्देशों का पालन नहीं कराया गया तो कोरोना के फैलने की संभावनाएं
और अधिक हो जाएंगी। हालांकि लोगों ने सामाजिक दूरी को तो पूरी तरह से
भुला ही दिया है। फेस मास्क का इस्तेमाल भी कम ही लोग करते दिखाई दे रहे
हैं और जो कर भी रहे हैं वे पुलिस द्वारा चालान न कट जाए इस भय से कर रहे
हैं। जानकारों का कहना है कि त्यौहारों में कोरोना संक्रमण फैलने की
आशंका सदैव बनी रही है। गत वर्ष भी दुर्गा पूजा और दीपावली के दौरान
कोरोना महामारी ने जबरदस्त रफ्तार पकड़ ली थी। इस वर्ष भी होली के बाद
अप्रैल में कोरोना की सबसे बड़ी लहर आई, जो न जाने कितनी जिंदगियां बहा
कर ले गई और इस बार फिर से त्यौहारों का सीजन शुरु हो चुका है। जानकारों
का कहना है कि 6 दिन पूर्व राखी का त्यौहार भी मनाया गया है। इस दौरान भी
बड़ी संख्या में लोगों का आपस में मिलना-जुलना हुआ है। लोगों ने यात्राएं
भी बड़ी संख्या में की हैं। खरीददारों की बाजारों में जबरदस्त भीड़ रही
है। इस दौरान बच्चे भी अधिकांश लोगों से मिले हैं। उनका मानना है कि
कोरोना संक्रमण के लिहाज से अगले 10 से 20 दिन महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
क्योंकि अगर इसके कारण संक्रमण हुआ तो इसका असर आने वाले दिनों में पड़
सकता है। जानकारों का कहना है कि त्यौहारों और राजनैतिक रैलियों के कारण
कोरोना के संक्रमण के बढऩे का खतरा रहता है। हालांकि प्रदेश में कोरोना
के मामले में स्थिति नियंत्रण में है। लेकिन जिस प्रकार से रक्षाबंधन
पर्व के दौरान लोगों का आपस में मिलना-जुलना हुआ है, उससे कोरोना महामारी
का खतरा तो बढ़ा ही है। यदि इस दौरान कोई भी कोरोना संक्रमित होगा तो वह
अन्य लोगों को भी संक्रमित कर सकता है। क्योंकि कोरोना संक्रमण अभी भी
बना हुआ है। यह पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है। जानकारों का यह भी कहना है
कि सभी को कोरोना से बचाव के उपाय करने होंगे। यदि इन उपायों में किसी
प्रकार की भी ढील दे दी गई तो कोरोना संक्रमण की आशंका से बचा नहीं जा
सकता। हालांकि कुछ लोग अभी भी कोरोना से बचाव के उपायों में कोई ढील नहीं
दे रहे हैं। लेकिन अधिकांश लोगों ने इन उपायों को तिलांजलि ही देकर रख दी
है। उनका मानना है कि कोरोना के वेरिएंट में बदलाव भी आता है तो भी बचाव
के तरीके अपनाकर इससे लड़ा जा सकता है। सावधानी में ही बचाव है।

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